ग्रोव बनाम जेरोधा: नितिन कामथ के रेगुलर म्यूचुअल फंड पर सवाल के बाद ग्रोव ने दी सफाई
सारांश
मुख्य बातें
जेरोधा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन कामथ ने 9 जुलाई 2026 को प्रतिद्वंद्वी ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रोव पर परोक्ष रूप से निशाना साधा, जब ग्रोव ने अपनी सब्सक्रिप्शन सेवा ग्रोव प्राइम के ज़रिए रेगुलर म्यूचुअल फंड की पेशकश अपने 2 करोड़ ग्राहकों तक विस्तारित की। इसके जवाब में ग्रोव ने भी एक विस्तृत पोस्ट जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और आरोपों को भ्रामक बताया।
कामथ ने क्या कहा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कामथ ने याद दिलाया कि जब जेरोधा ने अपना कॉइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था, तब कई कंपनियों ने डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा शुरू की थी — लेकिन समय के साथ इनमें से अधिकतर या तो बाज़ार से बाहर हो गईं या अपना बिज़नेस मॉडल बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो प्रतिस्पर्धी अभी भी टिके हैं, वे अब डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की रणनीति पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
कामथ ने स्पष्ट किया कि जेरोधा भविष्य में भी डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा ग्राहकों को मुफ़्त में देता रहेगा। उन्होंने 2010 में डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल की शुरुआत का हवाला देते हुए कहा, "जब हमने 2010 में यह मॉडल शुरू किया, तब हमने तय किया कि ट्रेड का आकार चाहे जितना भी हो, सभी ग्राहकों से एक समान शुल्क लिया जाएगा। यदि किसी ट्रेड को निष्पादित करने में समान मेहनत लगती है, तो अलग-अलग ग्राहकों से अलग शुल्क क्यों लिया जाए?"
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई प्लेटफॉर्म लेनदेन के आकार के आधार पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लेता है, तो वह खुद को डिस्काउंट या कम लागत वाला ब्रोकर नहीं कह सकता।
ग्रोव का जवाब
बेंगलुरु स्थित ग्रोव ने एक पोस्ट जारी कर कहा कि उसके म्यूचुअल फंड ऑफर को लेकर भ्रम और गलत जानकारी फैल रही है। ग्रोव ने स्पष्ट किया कि डायरेक्ट म्यूचुअल फंड हमेशा से उसका मुख्य फोकस रहा है और आगे भी रहेगा। उसके प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ से अधिक निवेशकों ने ₹1.9 लाख करोड़ से ज़्यादा का म्यूचुअल फंड निवेश किया है, जिससे ग्रोव देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म बन गया है।
ग्रोव ने कहा, "अगर आप आज ग्रोव पर एक DIY निवेशक हैं, तो आपके लिए कुछ भी नहीं बदलेगा — न निवेश का तरीका, न शुल्क और न ही प्लेटफॉर्म का अनुभव। यह दावा करना कि ग्रोव ने म्यूचुअल फंड निवेश को लेकर अपना दृष्टिकोण बदल दिया है, पूरी तरह गलत है।"
ग्रोव प्राइम क्या है
ग्रोव ने बताया कि एमएफ प्राइम कोई बदलाव नहीं, बल्कि एक नया और पूरी तरह वैकल्पिक विकल्प है। यह सेवा उन निवेशकों के लिए तैयार की गई है जिन्हें यह जानने के लिए विशेषज्ञों की रिसर्च-आधारित सलाह चाहिए कि किस फंड में निवेश करें, किसे होल्ड रखें, कब बाहर निकलें और कब पोर्टफोलियो में बदलाव करें। इस सेवा की शुरुआत वर्ष की शुरुआत में चुनिंदा ग्राहकों के लिए की गई थी, जिसे अब सभी 2 करोड़ ग्राहकों तक बढ़ाया गया है।
निवेशकों पर असर
कामथ ने निवेशकों से अपील की कि वे जाँचें कि उनके पास रेगुलर म्यूचुअल फंड हैं या डायरेक्ट। उन्होंने कहा कि जेरोधा ग्राहकों को उनके रेगुलर म्यूचुअल फंड को डायरेक्ट प्लान में बदलने में भी मदद करेगा। गौरतलब है कि डायरेक्ट म्यूचुअल फंड में डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं होता, जिससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिल सकता है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत में खुदरा म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और डायरेक्ट बनाम रेगुलर प्लान की बहस नई तीव्रता के साथ उभरी है।
आगे क्या
दोनों प्लेटफॉर्मों के बीच यह सार्वजनिक नोकझोंक भारतीय फिनटेक और ब्रोकिंग उद्योग में बिज़नेस मॉडल की दिशा पर बड़े सवाल उठाती है। ग्रोव का कहना है कि वह दोनों तरह के निवेशकों — स्वतंत्र और मार्गदर्शन चाहने वालों — की सेवा करने में सक्षम है, जबकि जेरोधा का मानना है कि डायरेक्ट-ओनली मॉडल ही ग्राहक के हित में है।