क्या म्यूचुअल फंड एसआईपी इनफ्लो सितंबर में 4 प्रतिशत बढ़ा?

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क्या म्यूचुअल फंड एसआईपी इनफ्लो सितंबर में 4 प्रतिशत बढ़ा?

सारांश

सितंबर में म्यूचुअल फंड एसआईपी इनफ्लो ने 4 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई, जो निवेशकों के अनुशासित निवेश के प्रति विश्वास को दर्शाता है। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और क्या है एसआईपी का भविष्य!

मुख्य बातें

सितंबर में एसआईपी इनफ्लो 4 प्रतिशत बढ़कर 29,361 करोड़ रुपए हुआ।
फोलियो की संख्या 25.19 करोड़ तक पहुँची।
गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो 2.82 गुना बढ़ा।
एसआईपी ने पिछले नौ वर्षों में आठ गुना वृद्धि दिखाई।
औसत रिटर्न 14-16 प्रतिशत रहा है।

मुंबई, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में म्यूचुअल फंड एसआईपी का इनफ्लो सितंबर में 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 29,361 करोड़ रुपए पर पहुँच गया है, जो कि अगस्त में 28,265 करोड़ रुपए था। यह आंकड़ा एएमएफआई द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश में वृद्धि दर्शाती है कि लोग अनुशासित निवेश पर भरोसा कर रहे हैं।

इस वृद्धि के साथ, फोलियो की संख्या 25 करोड़ के आंकड़े को पार कर 25.19 करोड़ हो गई है, जो अगस्त में 24.89 करोड़ थी।

एएमएफआई के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 75.6 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जबकि अगस्त में यह 75.2 लाख करोड़ रुपए था।

सितंबर में इक्विटी इनफ्लो 30,422 करोड़ रुपए रहा, जो कि अगस्त के 33,430 करोड़ रुपए के मुकाबले 9 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।

गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो 8,363 करोड़ रुपए रहा, जो कि अगस्त में 2,859 करोड़ रुपए था, जिससे 2.82 गुना की वृद्धि हुई। इसकी वजह सोने की कीमतों में तेजी मानी जा रही है।

सितंबर में नौ नए फंड लॉन्च किए गए, जिन्होंने कुल मिलाकर 1,959 करोड़ रुपए जुटाए, जिसमें एक सेक्टोरल फंड, एक हाइब्रिड फंड और अन्य इंडेक्स फंड शामिल थे।

इस बीच, सितंबर में डेट फंडों से 1.01 लाख करोड़ रुपए का आउटफ्लो देखा गया, जबकि अगस्त में यह 7,979.83 करोड़ रुपए था।

व्हाइटओक कैपिटल म्युचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईपी पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों के लिए एक लोकप्रिय निवेश साधन बन गया है। इस कारण एसआईपी में निवेश में पिछले नौ वर्षों में आठ गुना की वृद्धि हुई है, जो निवेशकों के अनुशासित निवेश में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अगस्त 1996 से अगस्त 2025 के बीच एसआईपी ने अधिकतम 55.6 प्रतिशत और न्यूनतम -24.6 प्रतिशत का रिटर्न जनरेट किया है, जबकि इस अवधि में औसत रिटर्न 14-16 प्रतिशत का रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय निवेशक अब अधिक संगठित और अनुशासित तरीके से निवेश कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल व्यक्तिगत वित्त के लिए, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सप्टेंबर में एसआईपी में वृद्धि का क्या कारण है?
सितंबर में एसआईपी में वृद्धि का मुख्य कारण निवेशकों का अनुशासित तरीके से निवेश करने का विश्वास है।
गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो में इतनी वृद्धि क्यों हुई?
गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो में वृद्धि का कारण सोने की कीमतों में तेजी है, जो निवेशकों को इस दिशा में आकर्षित कर रहा है।
एसआईपी का औसत रिटर्न क्या है?
एसआईपी का औसत रिटर्न 14-16 प्रतिशत के बीच होता है।
राष्ट्र प्रेस
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