भारती एयरटेल का एनबीएफसी शाखा के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपए का निवेश
सारांश
Key Takeaways
- 20,000 करोड़ रुपए का निवेश डिजिटल लेंडिंग में किया जाएगा।
- 70%25 राशि एयरटेल द्वारा और 30%25 भारती एंटरप्राइजेज द्वारा जुटाई जाएगी।
- यह कदम वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा।
- पिछले दो वर्षों में 9,000 करोड़ रुपए के लोन वितरित किए जा चुके हैं।
- एयरटेल मनी को एनबीएफसी लाइसेंस प्राप्त है।
मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारती एयरटेल ने सोमवार को यह जानकारी दी कि वह अपनी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) शाखा एयरटेल मनी लिमिटेड के माध्यम से डिजिटल लेंडिंग के क्षेत्र में विस्तार करने के लिए आने वाले कुछ वर्षों में 20,000 करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है।
इस टेलीकॉम कंपनी ने बताया कि यह नया निवेश भारत के तेजी से विकसित हो रहे वित्तीय सेवा क्षेत्र में उसकी उपस्थिति को और मजबूत करेगा, साथ ही देश में मौजूद क्रेडिट गैप को कम करने में भी मदद करेगा।
इस कुल 20,000 करोड़ रुपए के निवेश में से 70 प्रतिशत खुद एयरटेल द्वारा लगाया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत प्रमोटर समूह भारती एंटरप्राइजेज लिमिटेड के माध्यम से जुटाया जाएगा।
भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि कंपनी के लेंडिंग प्लेटफॉर्म की सफलता यह दर्शाती है कि वह तकनीक, डेटा और ग्राहकों के भरोसे को प्रभावी तरीके से जोड़ने में सक्षम है।
उन्होंने कहा, "हमारा एनबीएफसी विस्तार इस मजबूत आधार को और सुदृढ़ करता है और यह हमारे उस लक्ष्य को दर्शाता है जिसमें हम भरोसे, नवाचार और वित्तीय समावेशन पर आधारित भविष्य के लिए डिजिटल लेंडिंग कारोबार बनाना चाहते हैं।"
एयरटेल मनी लिमिटेड को 13 फरवरी 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से एनबीएफसी लाइसेंस प्राप्त हुआ है।
कंपनी ने कहा कि यह कदम वित्तीय समावेशन को गहराई देने और देशभर के ग्राहकों को सरल, सुरक्षित और नवाचारी डिजिटल वित्तीय सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विस्तार है।
पिछले दो वर्षों में एयरटेल ने एक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसके माध्यम से अब तक 9,000 करोड़ रुपए से अधिक के लोन वितरित किए जा चुके हैं।
कंपनी ने बताया कि उसके लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (एलएसपी) मॉडल ने अनुशासित अंडरराइटिंग प्रक्रिया, बेहतर पोर्टफोलियो प्रबंधन और रियल-टाइम जोखिम निगरानी के कारण मजबूत वृद्धि प्राप्त की है।
इसके अलावा, 500 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों द्वारा समर्थित डेटा और एनालिटिक्स इंजन से लैस उसका डिजिटल प्लेटफॉर्म तीव्रता से विस्तार करने में सक्षम रहा है, जबकि ऋण प्रदर्शन भी संतोषजनक बना हुआ है।
नियामकीय आवश्यकताओं के तहत एयरटेल मनी ने स्पष्ट किया कि उसे आरबीआई अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है, लेकिन केंद्रीय बैंक कंपनी की वित्तीय स्थिति या उसकी देनदारियों की वापसी की गारंटी नहीं देता।