क्या बजट 2026 में स्वदेशी एआई को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- बजट 2026 में स्वदेशी एआई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- सरकार को वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- एआई का 2035 तक अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान हो सकता है।
- स्थानीय एआई मॉडल का विकास आवश्यक है।
- इंडियाएआई मिशन को और फंडिंग की जरूरत है।
नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपने आपको वैश्विक स्तर पर एक एआई लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बजट 2026 में स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाना चाहिए। यह सुझाव उद्योग के विशेषज्ञों ने सोमवार को साझा किया।
विशेषज्ञों ने कहा कि सरकार को बजट 2026 में स्वदेशी एआई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, खासकर वित्तीय क्षेत्र में, जहां विश्वास और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने आगे बताया कि सरकारी अनुमानों के अनुसार, एआई 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक का योगदान कर सकता है, जिसमें बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे, जो इसके एकीकरण से लाभान्वित होंगे। एआई भारत के डिजिटल वित्तीय तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जैसे कि रियल-टाइम फ्रॉड का पता लगाना, रिस्क असेसमेंट करना और बातचीत में सहायता प्रदान करना; हालाँकि, अधिकांश बुनियादी मॉडल और प्लेटफॉर्म विदेशी होते हैं, जिनमें भारत पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जाता।
वर्तमान में, लगभग 87 प्रतिशत भारतीय व्यवसाय विभिन्न तरीकों से एआई का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन केवल 26 प्रतिशत ही बड़े पैमाने पर परिपक्वता तक पहुँच चुके हैं, जो अपनाने और नवाचार में अंतर को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 के बजट में स्थानीय एआई मॉडल के विकास को स्पष्ट रूप से बढ़ावा दिया जाना चाहिए और ऐसा कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाना चाहिए जो स्थानीय भाषा, रेगुलेटरी और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो। इंडियाएआई मिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए अधिक वित्तीय सहायता और भारत में एआई अनुसंधान तथा विकास के लिए विशेष प्रोत्साहन जैसे कि टैक्स क्रेडिट और फाउंडेशनल मॉडल ट्रेनिंग के लिए ग्रांट, नवाचार को बढ़ाएंगे।
अतिरिक्त रूप से, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को पुष्टि की कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा।
बजट पेश करने की सामान्य तिथि 1 फरवरी इस वर्ष रविवार को पड़ रही है, जिससे तिथि को लेकर कुछ अनिश्चितता उत्पन्न हुई है।