इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में स्थिति को मिली मजबूती: निमित चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मजबूती
- समिट का उद्देश्य मानव-केंद्रित एआई
- प्रधानमंत्री का एआई में परिवर्तनकारी क्षण का विचार
- यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन विवादास्पद
- बड़ी तकनीकी कंपनियों की भागीदारी
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर निमित चौधरी ने सोमवार को जानकारी दी कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूती प्रदान की है और देश को एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद की है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस समिट के सफल आयोजन का श्रेय उन्हें जाता है। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य में एआई में नेतृत्व करेगा और एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।
उन्होंने आगे कहा कि एआई के विकास के लिए विस्तृत इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होगी। इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार एआई के विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।
चौधरी ने समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्थान राजनीति का नहीं था। यहाँ भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया जा रहा था और देश अपने आप को एआई के क्षेत्र में एक महान खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा था। इस समय पर कोई भी ऐसा कार्य करना, जो उत्पादकता के लिए सही नहीं हो, एक खराब विचार है। मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रदर्शन समिट के लिए उपयुक्त नहीं था, क्योंकि वहाँ सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष, बड़ी तकनीकी कंपनियाँ और इकोसिस्टम के प्रमुख लोग थे। विचार व्यक्त करने के कई वैकल्पिक तरीके हो सकते हैं।
समिट में अपने मुख्य संबोधन में पीएम मोदी ने एआई को मानव इतिहास में एक परिवर्तनकारी क्षण बताया और कहा कि यह मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि एआई एक बड़े तकनीकी परिवर्तन का हिस्सा है। इसमें अंतर यह है कि नई तकनीक के आने में अब दशकों का समय नहीं लग रहा, बल्कि यह परिवर्तन तेजी से हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेजी से, गहराई से और व्यापकता के साथ हो रहा है। हमें अपनी दृष्टि को बड़ा रखना होगा और जिम्मेदारी को भी उतना ही गंभीरता से निभाना होगा। इस समिट का मुख्य उद्देश्य एआई को मशीन-केंद्रित से मानव-केंद्रित और संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाना है।