जेप्टो आईपीओ ड्राफ्ट में खुलासा: फाउंडर्स आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को ईडी ने अप्रैल में भेजा था फेमा समन
सारांश
मुख्य बातें
क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो के संस्थापक आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को अप्रैल 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत समन भेजा गया था। यह जानकारी कंपनी द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल किए गए अपडेटेड आईपीओ ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में सामने आई है। यह प्रकटीकरण ऐसे समय में आया है जब जेप्टो का प्रस्तावित आईपीओ निवेशकों की नज़र में है।
समन का विवरण और मांगी गई जानकारी
फाइलिंग के अनुसार, ईडी ने दोनों प्रमोटरों को 8 अप्रैल को समन जारी किया। एजेंसी ने कंपनी और उसके प्रमोटरों से जुड़े कई दस्तावेज़ और जानकारियाँ माँगीं — जिनमें विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, वित्त वर्ष 2021 से ऑडिटेड वित्तीय विवरण, अचल संपत्ति, लोन और गारंटी, आयकर रिटर्न, बैंक खाते और कंपनी के व्यापार मॉडल पर नोट शामिल थे।
गौरतलब है कि इस तरह के फेमा-संबंधित समन आमतौर पर विदेशी पूँजी प्रवाह और होल्डिंग संरचना की जाँच के प्रारंभिक चरण में जारी किए जाते हैं।
प्रमोटरों की ईडी के समक्ष उपस्थिति
दाखिल दस्तावेज़ों के अनुसार, कैवल्य वोहरा 17 अप्रैल और 22 अप्रैल को ईडी के समक्ष पेश हुए, जबकि आदित पालिचा 20 अप्रैल और 15 मई को उपस्थित हुए। दोनों संस्थापकों ने एजेंसी द्वारा माँगी गई जानकारी और दस्तावेज़ उपलब्ध कराए, जिनमें कंपनी की होल्डिंग संरचना, व्यावसायिक व्यवस्थाएँ, अनुबंध और चालान जैसे सहायक दस्तावेज़ शामिल थे।
कंपनी का बयान और जोखिम की स्वीकृति
जेप्टो ने अपनी फाइलिंग में कहा, 'इस अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस-I की तारीख तक, अपना जवाब जमा करने के बाद से हमें ईडी से कोई और सूचना नहीं मिली है।' हालाँकि, कंपनी ने निवेशकों को यह आश्वासन नहीं दिया कि भविष्य में कोई पूछताछ नहीं होगी या मामला जाँच, कानूनी कार्यवाही अथवा संभावित जुर्माने तक नहीं बढ़ेगा। इस जानकारी को प्रॉस्पेक्टस के रिस्क फैक्टर्स और प्रमोटर से जुड़े कानूनी मामलों वाले अनुभाग में दर्ज किया गया है।
जेप्टो आईपीओ की रूपरेखा
सेबी ने मई 2026 में जेप्टो के प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। प्रस्तावित पब्लिक इश्यू में लगभग ₹8,000 करोड़ का इक्विटी फ्रेश इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल शामिल होने की उम्मीद है। कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग अपने डार्क स्टोर नेटवर्क के विस्तार, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने तथा अपनी सहायक कंपनी जेप्टो मार्केटप्लेस प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए मार्केटिंग और व्यापार प्रोत्साहन गतिविधियों के लिए करने की योजना बना रही है।
यह प्रकटीकरण भारतीय स्टार्टअप जगत में पारदर्शिता की बढ़ती माँग और नियामकीय जाँच की पृष्ठभूमि में महत्त्वपूर्ण है। आगामी सप्ताहों में निवेशक और बाज़ार विश्लेषक इस मामले के घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखेंगे।