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किशाऊ बांध परियोजना समझौते पर भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने PM मोदी और अमित शाह का जताया आभार

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किशाऊ बांध परियोजना समझौते पर भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने PM मोदी और अमित शाह का जताया आभार

सारांश

दशकों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के बीच ऐतिहासिक सहमति बनी। केंद्र जल घटक लागत का 90% वहन करेगा। BJP सांसद हर्ष महाजन ने इसे PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की कूटनीतिक सफलता बताया।

मुख्य बातें

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ।
केंद्र सरकार ने परियोजना के जल घटक की लागत का 90 प्रतिशत वहन करने का निर्णय लिया।
BJP राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने 17 जून को PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
समझौता यमुना नदी के पुनर्जीवन, जल संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाजन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और कांग्रेस नेताओं से राजनीतिक श्रेय की जगह परियोजना का स्वागत करने का आग्रह किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने बुधवार, 17 जून को किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर हुए ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। महाजन ने कहा कि दशकों से अटकी इस परियोजना पर सहमति बनना केंद्र सरकार के 'संवाद के माध्यम से समाधान' के दृष्टिकोण की सफलता है।

मुख्य घटनाक्रम

पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री हर्ष महाजन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के बीच गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह सहमति बनी। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जो यमुना नदी के पुनर्जीवन, जल संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और क्षेत्रीय विकास के लिए नए रास्ते खोलेगी।

केंद्र सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता

महाजन ने बताया कि केंद्र सरकार ने परियोजना के जल घटक से जुड़ी लागत का 90 प्रतिशत वहन करने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी राज्यों — विशेषकर हिमाचल प्रदेश — के विकास और जनकल्याण के प्रति केंद्र की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कांग्रेस पर निशाना

महाजन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता इस ऐतिहासिक फैसले का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वर्षों से रुकी इस परियोजना को आगे बढ़ाना पूरी तरह केंद्र सरकार की पहल से संभव हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और कांग्रेस नेताओं से आग्रह किया कि वे राजनीतिक लाभ लेने के बजाय राज्य हित में लिए गए इस फैसले का स्वागत करें।

परियोजना का दीर्घकालिक महत्व

पूर्व मत्स्य मंत्री महाजन ने विश्वास जताया कि किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना का क्रियान्वयन हिमाचल प्रदेश के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। यह परियोजना स्वच्छ यमुना के लक्ष्य को साकार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी, जो कई राज्यों की साझा प्राथमिकता रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — ऐसी बहु-राज्यीय जल परियोजनाएँ अक्सर समझौते के बाद भी भूमि अधिग्रहण और लागत-साझेदारी विवादों में उलझ जाती हैं। केंद्र द्वारा जल घटक की 90% लागत वहन करने की घोषणा उदार है, परंतु शेष 10% और विस्थापन पुनर्वास की जिम्मेदारी का स्पष्ट खाका अभी सामने नहीं आया है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस समझौते का राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ दोनों पक्षों में है — जो संकेत देती है कि परियोजना की लोकप्रियता तो स्वीकृत है, पर जवाबदेही का ढाँचा अभी अधूरा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना क्या है?
किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जल परियोजना है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और यमुना नदी के पुनर्जीवन में योगदान देना है। यह परियोजना वर्षों से कई राज्यों के बीच सहमति न बनने के कारण लंबित थी।
इस समझौते में कौन-कौन से राज्य शामिल हैं?
इस समझौते में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान — कुल छह राज्य शामिल हैं। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह सहमति बनी।
केंद्र सरकार परियोजना की लागत में कितना योगदान देगी?
केंद्र सरकार ने परियोजना के जल घटक से जुड़ी लागत का 90 प्रतिशत वहन करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा BJP सांसद हर्ष महाजन ने 17 जून को की।
इस परियोजना से यमुना नदी को क्या फायदा होगा?
किशाऊ बांध परियोजना के क्रियान्वयन से यमुना नदी के पुनर्जीवन को बल मिलने की उम्मीद है। इससे जल संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन के अवसर भी बढ़ेंगे, जो संबंधित सभी राज्यों के लिए लाभकारी होगा।
कांग्रेस और BJP के बीच इस परियोजना पर विवाद क्यों है?
BJP सांसद हर्ष महाजन ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता इस ऐतिहासिक फैसले का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि परियोजना को आगे बढ़ाना केंद्र सरकार की पहल से संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से राजनीतिक लाभ के बजाय परियोजना का स्वागत करने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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