यमुना जल समझौता: हरियाणा-राजस्थान MoU पर हस्ताक्षर, शेखावाटी को मिलेगा 32 साल बाद पेयजल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 30 जून 2025 को हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो दशकों पुराने अंतर-राज्यीय जल विवाद को सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते के तहत हरियाणा मॉनसून के दौरान भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के ज़रिए राजस्थान को पेयजल उपलब्ध कराएगा। विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों को इसका सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
समझौते में क्या है
इस MoU के अंतर्गत हरियाणा मॉनसून सीज़न के दौरान अतिरिक्त यमुना जल को भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान तक पहुँचाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल-संकट से ग्रस्त जिलों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त कृषि और सिंचाई क्षेत्र में भी इस समझौते को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में प्रारंभिक सहमति बनी थी और अब इसे अंतिम रूप दिया गया है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
राजस्थान सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निरंतर प्रयासों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा हरियाणा सरकार के सहयोग से राजस्थान को पेयजल के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि 'जिस कार्य को वर्षों तक असंभव बताया जाता रहा, वह अब संभव हो गया है।' उन्होंने इसे परिणाम-आधारित राजनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि शेखावाटी क्षेत्र के लिए यह समझौता आने वाले वर्षों में जीवनरेखा साबित होगा। जोशी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल घोषणाएँ कीं, जबकि वर्तमान सरकार ने ज़मीन पर काम करके दिखाया।
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि चुनाव से पहले BJP ने जो वादा किया था, वह अब पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब ढाई वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे थे और अब अंतिम रूप मिलने से लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
32 वर्षों का इंतज़ार और ऐतिहासिक संदर्भ
मंत्री कृष्ण कुमार (के.के.) विश्नोई ने कहा कि लगभग 32 वर्षों तक केवल चर्चा होती रही, लेकिन अब पहली बार लोगों को विश्वास हुआ है कि हरियाणा से पानी वास्तव में राजस्थान पहुँचेगा। उन्होंने ERCP (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) के बाद यमुना जल समझौते को भी राजस्थान के लिए मील का पत्थर बताया। गौरतलब है कि शेखावाटी क्षेत्र आज़ादी के दशकों बाद भी पानी की गंभीर समस्या से जूझता रहा है।
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा से राजस्थान तक यमुना का पानी पहुँचेगा, जिससे लाखों किसानों और आम लोगों को लाभ होगा। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास का नया अध्याय बताया।
आम जनता और किसानों पर असर
BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य के अनुसार यह समझौता हर घर तक पेयजल और किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। आचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित राजस्थान दौरे का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
आगे की राह
विश्नोई ने रिफाइनरी, भारतमाला परियोजना और सड़क नेटवर्क जैसे अन्य विकास कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि भूमिगत पाइपलाइन परियोजना का क्रियान्वयन कब और किस गति से शुरू होता है, और क्या शेखावाटी के वासियों को वास्तव में जल्द राहत मिल पाती है।