30 जून 2026
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यमुना जल परियोजना: CM भजनलाल का गहलोत पर हमला — 'वादे किए, गंभीर प्रयास नहीं'

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यमुना जल परियोजना: CM भजनलाल का गहलोत पर हमला — 'वादे किए, गंभीर प्रयास नहीं'

सारांश

यमुना जल MoU के बाद जयपुर लौटे CM भजनलाल शर्मा को 'भगीरथ' की उपाधि मिली — लेकिन उनका असली निशाना कांग्रेस पर था। ₹34,000 करोड़ की परियोजना शेखावाटी की दशकों पुरानी प्यास बुझाने का वादा करती है, और साथ ही राजनीतिक श्रेय की जंग भी तेज़ हो गई है।

मुख्य बातें

CM भजनलाल शर्मा ने 30 जून 2026 को यमुना जल परियोजना MoU के बाद जयपुर लौटने पर पूर्व CM अशोक गहलोत और कांग्रेस पर हमला बोला।
₹34,000 करोड़ से अधिक लागत की परियोजना में 3.6 मीटर व्यास की पाइपलाइन से शेखावाटी तक यमुना जल पहुँचाया जाएगा।
झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों को कृषि, पर्यटन और उद्योग में सीधा लाभ मिलने की उम्मीद।
17 फरवरी 2024 को MoU हस्ताक्षर के बाद टास्क फोर्स गठित और DPR तैयार की गई।
CM ने दावा किया कि हरियाणा कांग्रेस के घोषणापत्र में यमुना समझौता रद्द करने की बात थी और उस मंच पर गहलोत की मौजूदगी उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती है।
राज्य के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली और अन्य जल परियोजनाओं को गति देने का भी दावा किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना जल परियोजना के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद 30 जून 2026 को जयपुर लौटने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक शेखावाटी क्षेत्र को यमुना का पानी देने के वादे किए, लेकिन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कभी ठोस प्रयास नहीं किए।

भव्य स्वागत और 'भगीरथ' की उपाधि

जयपुर एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री आवास तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भजनलाल शर्मा का जगह-जगह स्वागत किया। विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र के लोगों ने पुष्पवर्षा, साफा, मालाएं और कलश भेंट कर उनका अभिनंदन किया और उन्हें 'भगीरथ' की उपाधि देते हुए यमुना जल राजस्थान लाने का श्रेय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 जून राजस्थान के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। उन्होंने राज्य की 8 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यमुना जल समझौते के लिए बधाई दी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

परियोजना का विवरण और प्रभाव

भजनलाल शर्मा के अनुसार, ₹34,000 करोड़ से अधिक लागत वाली इस परियोजना के तहत 3.6 मीटर व्यास की पाइपलाइन बिछाकर यमुना का पानी शेखावाटी तक पहुँचाया जाएगा। इससे झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में कृषि, पर्यटन और उद्योग को गति मिलेगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि 17 फरवरी 2024 को MoU पर हस्ताक्षर के बाद एक टास्क फोर्स का गठन किया गया और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई। केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के सहयोग से परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया।

कांग्रेस पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राजस्थान और हरियाणा — दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं, तब भी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कोई प्रभावी समन्वय नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणा कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में यमुना जल समझौते को रद्द करने की बात कही थी और उसी मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी परियोजना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है।

गौरतलब है कि भजनलाल शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में शेखावाटी तक यमुना का पानी पहुँचाने का वादा किया था — जिसे वे अब पूरा होता बता रहे हैं।

व्यापक विकास एजेंडा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंग नहर, देवास और माही जैसी लंबित जल परियोजनाओं को भी गति दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है और राजस्थान अब अन्य राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्थान पेपर लीक, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कारण चर्चा में रहता था, जबकि वर्तमान BJP सरकार रोजगार, किसान कल्याण और औद्योगिक विकास पर केंद्रित है।

यह परियोजना जल-संकटग्रस्त शेखावाटी के लिए दशकों पुरानी माँग की पूर्ति का प्रतीक बन सकती है — लेकिन असली परीक्षा इसके ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की यह परियोजना वाकई शेखावाटी के लिए ऐतिहासिक हो सकती है — लेकिन MoU और पाइपलाइन के बीच की दूरी अक्सर बड़ी होती है। असली सवाल यह है कि DPR से ज़मीन पर पानी पहुँचने की समयसीमा क्या है और क्रियान्वयन की निगरानी का ढाँचा कितना पारदर्शी होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे, शेखावाटी की जनता को जवाब चाहिए — वादों का नहीं, नलों में पानी का।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना जल परियोजना राजस्थान क्या है?
यह ₹34,000 करोड़ से अधिक लागत की परियोजना है जिसके तहत 3.6 मीटर व्यास की पाइपलाइन बिछाकर यमुना का पानी राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र — झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों — तक पहुँचाया जाएगा। 17 फरवरी 2024 को MoU पर हस्ताक्षर के बाद DPR तैयार की गई है।
CM भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर क्या आरोप लगाए?
CM भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि जब राजस्थान और हरियाणा दोनों में कांग्रेस सरकारें थीं, तब भी परियोजना के लिए कोई प्रभावी समन्वय नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणा कांग्रेस के घोषणापत्र में यमुना जल समझौता रद्द करने की बात थी और उस मंच पर गहलोत की मौजूदगी उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती है।
शेखावाटी को यमुना जल परियोजना से क्या फायदा होगा?
परियोजना से झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों को पेयजल और सिंचाई के लिए यमुना का पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में कृषि, पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
यमुना जल समझौते में केंद्र और हरियाणा की क्या भूमिका है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सहयोग से यह परियोजना आगे बढ़ाई गई है। CM भजनलाल शर्मा ने इन तीनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
राजस्थान में अन्य कौन-सी जल परियोजनाएँ प्रगति पर हैं?
CM भजनलाल शर्मा के अनुसार, रामजल सेतु लिंक परियोजना, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंग नहर, देवास और माही जैसी लंबित जल परियोजनाओं को भी वर्तमान सरकार ने गति दी है।
राष्ट्र प्रेस
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