15 सितंबर 2026
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किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना: 6 राज्यों के बीच MoU, CM भजनलाल शर्मा ने बताया ऐतिहासिक कदम

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किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना: 6 राज्यों के बीच MoU, CM भजनलाल शर्मा ने बताया ऐतिहासिक कदम

सारांश

दशकों से अटकी किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना ने आखिरकार रफ़्तार पकड़ी — 6 राज्यों और केंद्र के बीच MoU पर हस्ताक्षर हुए। राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने इसे जल सुरक्षा की ऐतिहासिक जीत और सहकारी संघवाद की मिसाल बताया। असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट के लिए MoU पर हस्ताक्षर हुए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने समझौते पर दस्तखत किए।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.
पाटिल भी MoU में शामिल रहे।
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने इसे सहकारी संघवाद और जल सुरक्षा की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
राजस्थान को PM मोदी के कार्यकाल में यमुना, रामजल सेतु, नर्मदा और किशाऊ — चार बड़ी जल पहलें मिलीं।
परियोजना से पीने, सिंचाई और अन्य जल-आवश्यकताओं में मदद मिलने की उम्मीद; DPR और वित्त-पोषण अभी बाकी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल शामिल रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समझौते को जल सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।

मुख्य घटनाक्रम

दशकों से लंबित इस परियोजना के लिए MoU पर हस्ताक्षर 15 सितंबर 2026 को संपन्न हुए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा छह भागीदार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस दस्तावेज़ पर दस्तखत किए। गौरतलब है कि यह परियोजना बहु-राज्यीय जल-साझाकरण के जटिल विवादों के कारण लंबे समय से अटकी हुई थी।

भजनलाल शर्मा की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राजनीतिक नेतृत्व की बदौलत छह राज्यों के बीच यह सहमति बन सकी। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास' के विजन के तहत राज्यों के बीच समन्वय से दशकों से अटके बड़े प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ रहे हैं।

शर्मा ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को यमुना जल समझौता, रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट, नर्मदा जल समझौता और अब किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट — चार अहम जल पहलें मिली हैं, जो राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर हैं।

आम जनता पर असर

किशाऊ परियोजना के दायरे में आने वाले राज्यों में पीने के पानी, सिंचाई और अन्य जल-आवश्यकताओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है। राजस्थान जैसे जल-संकटग्रस्त राज्यों के लिए यह विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, जहाँ सिंचाई और पेयजल की माँग वर्षों से आपूर्ति से अधिक रही है। मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, इन समझौतों का लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा।

सहकारी संघवाद का उदाहरण

इस समझौते को सहकारी संघवाद और अंतर-राज्यीय समन्वय का प्रमुख उदाहरण बताया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बहु-राज्यीय जल परियोजनाओं में आम सहमति बनाना ऐतिहासिक रूप से कठिन रहा है — कावेरी, कृष्णा और गोदावरी जैसे विवाद इसकी मिसाल हैं। छह राज्यों का एक साथ हस्ताक्षर करना केंद्र की मध्यस्थता की भूमिका को रेखांकित करता है।

आगे की राह

MoU पर हस्ताक्षर के बाद अब परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वित्त-पोषण संरचना को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बहु-राज्यीय परियोजनाओं में सहमति के बाद क्रियान्वयन चरण सबसे जटिल साबित होता है, और इसकी निगरानी के लिए मज़बूत तंत्र की ज़रूरत होगी। परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंज़ूरी और निर्माण की समयसीमाएँ तय हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर्यावरण मंज़ूरियाँ और बदलती राज्य सरकारें इसे पटरी से उतारती रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या इस बार DPR की समयसीमा, वित्त-पोषण का ढाँचा और विस्थापन पुनर्वास की योजना पहले से तय होगी — या यह समझौता भी उन फ़ाइलों में जाकर बंद हो जाएगा जिन्होंने पहले भी वादे किए थे।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना क्या है?
किशाऊ मल्टीपर्पज डैम प्रोजेक्ट एक बहु-राज्यीय जल परियोजना है जो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के लिए पीने, सिंचाई और अन्य जल-ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाई जाएगी। यह परियोजना दशकों से राज्यों के बीच आम सहमति के अभाव में लंबित थी।
किशाऊ बांध MoU पर कब और कहाँ हस्ताक्षर हुए?
15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इस MoU पर हस्ताक्षर हुए। इसमें छह राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल शामिल रहे।
इस परियोजना से राजस्थान को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, किशाऊ परियोजना से राजस्थान में पीने के पानी, सिंचाई और अन्य जल-आवश्यकताओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा।
इस MoU में कौन-से छह राज्य शामिल हैं?
MoU में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली शामिल हैं। इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए।
परियोजना अब तक क्यों अटकी हुई थी और आगे क्या होगा?
बहु-राज्यीय जल-साझाकरण पर आम सहमति के अभाव के कारण यह परियोजना दशकों से लंबित थी। MoU पर हस्ताक्षर के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वित्त-पोषण संरचना को अंतिम रूप दिए जाने की ज़रूरत है, जिसके बाद ही निर्माण की समयसीमा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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