जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला: 'कांग्रेस विदाई की तैयारी करे', आपदा राहत राशि के दुरुपयोग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 6 जुलाई को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उपलब्ध कराई गई राहत राशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया — न सड़कें बनीं, न पानी पहुँचा और न ही विस्थापित परिवारों के घर बन सके। उन्होंने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार को जनता की नाराजगी का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए कहा कि 'कांग्रेस को अब विदाई की तैयारी करनी चाहिए।'
आपदा राहत राशि पर सीधा सवाल
जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान और राहत राशि के उपयोग का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, केंद्र ने पुनर्निर्माण के लिए धनराशि जारी की थी, लेकिन राज्य सरकार ने उसे प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुँचाया।
ठाकुर ने कहा, 'केंद्र से मिले पैसे का इस्तेमाल कहाँ हुआ, इसकी जाँच आने वाले समय में होगी।' उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि जहाँ कभी बसें चलती थीं, वहाँ अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
विपक्षी क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र को मिलने वाली राहत राशि जानबूझकर कम कर दी गई। उनका कहना था, 'सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं विपक्ष में हूँ और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता हूँ, हमारे क्षेत्र के नुकसान की भरपाई नहीं की गई।' यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में बुनियादी ढाँचे को होने वाले नुकसान की समस्या वर्षों से बनी हुई है।
पंचायत चुनावों को बताया जनादेश
ठाकुर ने पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव परिणामों को सुक्खू सरकार के विरुद्ध जनता का स्पष्ट संदेश बताया। उन्होंने कहा कि 'सबसे छोटी इकाइयों के चुनाव में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन नेताओं की आँखें नहीं खुल रही हैं।' उनके अनुसार, इस जनादेश को देखते हुए कई अधिकारी राज्य सरकार छोड़कर केंद्र में स्थानांतरण की कोशिश कर रहे हैं।
पेपर लीक पर कांग्रेस को पलटवार
पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए ठाकुर ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान 22 पेपर लीक हुए और छत्तीसगढ़ में 18 पेपर लीक हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि '₹86 हजार करोड़ के घोटाले करने वाले लोग भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर किस मुँह से सवाल पूछ रहे हैं।'
आगे क्या
ठाकुर ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय नेताओं से हुई बैठकों में राज्य के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया गया है और आपदा राहत राशि के उपयोग की जाँच की माँग की गई है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ यह राजनीतिक तकरार और तेज होने के आसार हैं।