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जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला: 'कांग्रेस विदाई की तैयारी करे', आपदा राहत राशि के दुरुपयोग का आरोप

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जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला: 'कांग्रेस विदाई की तैयारी करे', आपदा राहत राशि के दुरुपयोग का आरोप

सारांश

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर केंद्र की आपदा राहत राशि के दुरुपयोग का सीधा आरोप लगाया — टूटी सड़कें, बिना पानी के गाँव और बिना छत के परिवार इसकी गवाही देते हैं। पंचायत चुनावों की हार को जनादेश बताते हुए उन्होंने कांग्रेस को 'विदाई की तैयारी' करने की नसीहत दी।

मुख्य बातें

जयराम ठाकुर ने 6 जुलाई को आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा जारी आपदा राहत राशि का उपयोग हिमाचल प्रदेश में प्रभावित क्षेत्रों में नहीं हुआ।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात में राज्य के मुद्दे उठाए।
ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में राहत राशि जानबूझकर कम किए जाने का आरोप लगाया।
पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार को जनता की नाराजगी का प्रमाण बताया।
पेपर लीक पर कांग्रेस को घेरते हुए राजस्थान में 22 और छत्तीसगढ़ में 18 पेपर लीक का हवाला दिया; ₹86 हजार करोड़ के घोटाले का उल्लेख किया।

हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 6 जुलाई को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उपलब्ध कराई गई राहत राशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया — न सड़कें बनीं, न पानी पहुँचा और न ही विस्थापित परिवारों के घर बन सके। उन्होंने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार को जनता की नाराजगी का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए कहा कि 'कांग्रेस को अब विदाई की तैयारी करनी चाहिए।'

आपदा राहत राशि पर सीधा सवाल

जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान और राहत राशि के उपयोग का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, केंद्र ने पुनर्निर्माण के लिए धनराशि जारी की थी, लेकिन राज्य सरकार ने उसे प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुँचाया।

ठाकुर ने कहा, 'केंद्र से मिले पैसे का इस्तेमाल कहाँ हुआ, इसकी जाँच आने वाले समय में होगी।' उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि जहाँ कभी बसें चलती थीं, वहाँ अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

विपक्षी क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप

ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र को मिलने वाली राहत राशि जानबूझकर कम कर दी गई। उनका कहना था, 'सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं विपक्ष में हूँ और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता हूँ, हमारे क्षेत्र के नुकसान की भरपाई नहीं की गई।' यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन में बुनियादी ढाँचे को होने वाले नुकसान की समस्या वर्षों से बनी हुई है।

पंचायत चुनावों को बताया जनादेश

ठाकुर ने पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव परिणामों को सुक्खू सरकार के विरुद्ध जनता का स्पष्ट संदेश बताया। उन्होंने कहा कि 'सबसे छोटी इकाइयों के चुनाव में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन नेताओं की आँखें नहीं खुल रही हैं।' उनके अनुसार, इस जनादेश को देखते हुए कई अधिकारी राज्य सरकार छोड़कर केंद्र में स्थानांतरण की कोशिश कर रहे हैं।

पेपर लीक पर कांग्रेस को पलटवार

पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए ठाकुर ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान 22 पेपर लीक हुए और छत्तीसगढ़ में 18 पेपर लीक हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि '₹86 हजार करोड़ के घोटाले करने वाले लोग भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर किस मुँह से सवाल पूछ रहे हैं।'

आगे क्या

ठाकुर ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय नेताओं से हुई बैठकों में राज्य के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया गया है और आपदा राहत राशि के उपयोग की जाँच की माँग की गई है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ यह राजनीतिक तकरार और तेज होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन केंद्रीय आपदा राहत राशि के उपयोग का सवाल वास्तव में जवाबदेही का है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। हिमाचल प्रदेश में हर मानसून के बाद यही चक्र दोहराता है: केंद्र पैसा देता है, पुनर्निर्माण अधूरा रहता है, और जिम्मेदारी तय नहीं होती। पंचायत चुनावों के नतीजे सुक्खू सरकार के लिए चेतावनी की घंटी हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि विपक्ष आरोपों के साथ-साथ राहत राशि के ऑडिट की ठोस माँग संसद या न्यायालय तक ले जाता है या नहीं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर क्या आरोप लगाए?
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं की भरपाई के लिए जारी राहत राशि का उपयोग हिमाचल प्रदेश में प्रभावित क्षेत्रों में नहीं किया गया। उनके अनुसार सड़कें टूटी हैं, पानी की आपूर्ति बाधित है और विस्थापित परिवारों के घर नहीं बन पाए।
क्या जयराम ठाकुर ने केंद्रीय नेताओं से इस मुद्दे पर बात की?
हाँ, ठाकुर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात में हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत राशि के उपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं से मिलने पर राज्य के मुद्दों पर चर्चा होती है।
पंचायत चुनावों के नतीजों को जयराम ठाकुर ने किस रूप में देखा?
ठाकुर ने पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव परिणामों को सुक्खू सरकार के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनादेश बताया। उन्होंने कहा कि सबसे छोटी इकाइयों में भी कांग्रेस को करारी हार मिली है और इसे देखते हुए कांग्रेस को 'विदाई की तैयारी' करनी चाहिए।
पेपर लीक पर जयराम ठाकुर ने कांग्रेस को क्या जवाब दिया?
ठाकुर ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान 22 पेपर लीक और छत्तीसगढ़ में 18 पेपर लीक हुए थे। उन्होंने ₹86 हजार करोड़ के घोटाले का हवाला देते हुए कांग्रेस के भ्रष्टाचार संबंधी सवालों को खारिज किया।
जयराम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के बारे में क्या कहा?
ठाकुर ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र को मिलने वाली राहत राशि जानबूझकर कम की गई क्योंकि वे विपक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में हालत इतनी खराब है कि जहाँ बसें चलती थीं, वहाँ अब पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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