जयराम ठाकुर का आरोप: हिमाचल सरकार पंचायत चुनाव नतीजों में हेरफेर को सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने 27 जून 2026 को शिमला में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि राज्य सरकार पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को पलटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, जिससे लोकतंत्र की जड़ें कमज़ोर हो रही हैं।
मुख्य आरोप: चुनाव टालने की कथित रणनीति
ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने शुरुआत में डिजास्टर एक्ट लागू कर, चुनाव नियमों में बदलाव कर और प्रक्रियागत अड़चनें खड़ी करके स्थानीय निकाय चुनावों को टालने की कोशिश की। उनके अनुसार, हाई कोर्ट और बाद में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर चुनाव संपन्न हो सके। गौरतलब है कि चुनाव कराने में न्यायपालिका का दखल देना ही यह दर्शाता है कि विवाद किस हद तक गहरा था।
भाजपा के दावे: जनादेश उनके पक्ष में
ठाकुर ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित उम्मीदवारों ने पंचायत प्रधान और उप-प्रधान के लगभग 70 प्रतिशत पदों पर जीत हासिल की है। शहरी मोर्चे पर उन्होंने कहा कि धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 17 में से 11 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि 92 ब्लॉक विकास समितियों (BDC) में से केवल 47 में ही नेतृत्व पदों के लिए चुनाव पूरे हुए हैं, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 31 और कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं।
जिला परिषद और चेयरमैन चुनाव पर विवाद
ठाकुर ने दावा किया कि 12 जिला परिषदों में से केवल 3 में ही चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन का चुनाव संपन्न हो सका है। उनके अनुसार इन तीनों स्थानों पर कांग्रेस कथित तौर पर अपना उम्मीदवार तक नहीं उतार पाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहाँ-जहाँ भाजपा के पास बहुमत है, वहाँ राज्य सरकार जानबूझकर चुनाव की तारीखें घोषित नहीं कर रही, ताकि हॉर्स-ट्रेडिंग को बढ़ावा मिल सके।
प्रशासनिक दबाव और डराने-धमकाने के आरोप
विपक्ष के नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार विजिलेंस जाँच, झूठे मुकदमे, रिश्तेदारों के तबादले और प्रशासनिक दबाव के ज़रिए भाजपा समर्थित चुने हुए प्रतिनिधियों को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सुजानपुर नगर परिषद में मतदान प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं का विशेष उल्लेख किया और कहा कि तय नियमों की अनदेखी की गई।
भाजपा की अगली रणनीति
ठाकुर ने घोषणा की कि भाजपा उन अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जो पार्टी के अनुसार राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं — चाहे वह चुनाव में देरी के ज़रिए हो या भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को निशाना बनाकर। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों को कानूनी तौर पर चुनौती दी जाएगी। उनका कहना है कि पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर जनता का भरोसा काफी घट चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों का जवाब देती है या नहीं।