हिमाचल पंचायत चुनाव पहले चरण में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत, बिंदल का दावा — 75% पंचायतों में बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने 27 मई 2026 को दावा किया कि पंचायती राज चुनावों के पहले चरण में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है। उनके अनुसार, 1,293 पंचायतों में हुए मतदान में प्रधान और उप-प्रधान पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार लगभग 75 प्रतिशत पंचायतों में विजयी रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पहले चरण में 1,293 पंचायतों के लिए मतदान संपन्न हुआ। बिंदल ने कहा कि रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने प्रधान और उप-प्रधान, दोनों पदों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं और दिग्गज राजनेताओं को उनके अपने क्षेत्रों में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
भाजपा की कांग्रेस सरकार पर आलोचना
बिंदल ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य की जनता को केवल विश्वासघात, महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार, सत्ता में आने से पहले कांग्रेस सरकार ने महिलाओं, युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और आम जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, परंतु वे वादे पूरे नहीं हुए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को वित्तीय सहायता देने का वादा अधूरा रहा, युवाओं के लिए रोज़गार संबंधी घोषणाएँ केवल भाषणों और दस्तावेज़ों तक सीमित रहीं, और किसानों व बागवानों को वास्तविक राहत की जगह खोखले आश्वासन ही मिले।
आम जनता पर असर
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार राज्य के युवा बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं, जबकि किसान और बागवान अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आम जनता बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं की बढ़ती कीमतों से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विकास कार्यों को रोककर केवल अपने पसंदीदा व्यक्तियों को राजनीतिक संरक्षण और लाभ प्रदान करने का काम किया है।
केंद्र सरकार के योगदान पर जोर
बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेलवे, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश को लगातार अभूतपूर्व सहायता प्रदान की है। उनके अनुसार, इसी केंद्रीय सहयोग का लाभ राज्य की जनता तक पहुँच रहा है और यही पंचायत चुनावों के नतीजों में भी परिलक्षित हुआ है।
क्या होगा आगे
पंचायती राज चुनावों के शेष चरणों के नतीजे आने के बाद समग्र तस्वीर स्पष्ट होगी। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पहले से ही राजनीतिक दबाव में है। गौरतलब है कि पंचायत चुनाव दलगत आधार पर नहीं लड़े जाते, इसलिए 'भाजपा समर्थित' जीत के दावे अनौपचारिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।