हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: पहले चरण में 1,293 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी, BJP ने जताई सरकारी हस्तक्षेप की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव 2026 के पहले चरण में मंगलवार, 26 मई को 1,293 ग्राम पंचायतों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। राज्य की कुल 3,745 ग्राम पंचायतों में से शेष दो चरणों का मतदान 28 और 30 मई को निर्धारित है।
मतदान प्रक्रिया और समयसीमा
मतदान दोपहर 3 बजे तक मतपत्रों के माध्यम से संपन्न होगा। प्रत्येक मतदाता इस चुनाव में पाँच अलग-अलग मत डालेगा — वार्ड सदस्य, उप-प्रधान, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए। पंच, प्रधान और उप-प्रधान पदों के परिणाम प्रत्येक चरण के मतदान के तुरंत बाद घोषित किए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सीटों की मतगणना 31 मई को होगी।
शहरी निकाय चुनावों में मतदान का रुझान
गौरतलब है कि इससे पहले 17 मई को राज्य के 51 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) — जिनमें चार नगर निगम शामिल हैं — के चुनावों में 69.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। जिलावार आँकड़ों के अनुसार, हमीरपुर जिले में सर्वाधिक लगभग 78 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सोलन जिले में सबसे कम 64 प्रतिशत रहा। शहरी निकायों में नैना देवी में सर्वोच्च 86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों के चुनाव भी 17 मई को संपन्न हुए, परंतु उनके परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
भाजपा का विरोध और राज्यपाल से मुलाकात
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ताधारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर चुनाव प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का कथित आरोप लगाया है। BJP के राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात की और पंचायती राज व शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में कथित सरकारी हस्तक्षेप पर चिंता जताई।
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ इस बैठक में उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कथित तौर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हेरफेर, चुनाव अवधि के दौरान नियमों में संशोधन और प्रशासनिक व राजनीतिक दबाव के माध्यम से जनादेश को प्रभावित करने के प्रयासों को उजागर किया गया।
आगे क्या होगा
तीन चरणों में होने वाले इस पंचायत चुनाव की समाप्ति 30 मई को होगी और अधिकांश परिणाम 31 मई तक स्पष्ट हो जाएंगे। यह चुनाव हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की जमीनी स्तर पर लोकप्रियता की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।