हिमाचल पंचायत चुनाव तीसरा चरण: 1,189 पंचायतों में दोपहर 1 बजे तक 63.58% मतदान, 31 मई को मतगणना
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के तीसरे और अंतिम चरण के मतदान में 1,189 पंचायतों के मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 23 मई को दोपहर 1 बजे तक 63.58 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका था। मतदान समाप्त होने के बाद अंतिम आँकड़े जारी किए जाएँगे।
मतदाताओं का व्यापक उत्साह
राज्यभर के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। महिलाएँ, युवा और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुँचे। इस चरण में कुल 15 लाख 40 हज़ार 324 मतदाता पंजीकृत हैं — जिनमें 7 लाख 76 हज़ार 802 पुरुष, 7 लाख 63 हज़ार 517 महिलाएँ और 5 अन्य मतदाता शामिल हैं।
नेताओं की अपील और मतदान
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को स्वयं मतदान किया और मीडिया से बातचीत में कहा, 'पंचायत चुनाव में अपने मत का अधिकार देने के लिए आज यहाँ आया था। मैं सभी से अपील करता हूँ कि प्रजातंत्र की मज़बूती के लिए हमें हमेशा अपने मत के अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। प्रजातंत्र की नींव इसी बात पर टिकी है जिसमें प्रजा की सहभागिता हो।'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी मतदाताओं से मतदान की अपील करते हुए कहा, 'आपका दिया हुआ हर वोट गाँव के विकास, बेहतर सुविधाओं और मज़बूत पंचायती राज व्यवस्था को नई गति देगा। चुने हुए प्रतिनिधि आपकी आवाज़ बनकर विकास को आगे बढ़ाते हैं।'
सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण मतदान
मतदान प्रक्रिया को सुचारु और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए। राज्यभर में किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मतगणना कार्यक्रम
मतदान समाप्त होते ही पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के लिए मतगणना प्रारंभ होगी। वहीं, बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव की मतगणना 31 मई को की जाएगी।
तीन चरणों में पूरी हुई मतदान प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज चुनाव तीन चरणों में संपन्न हुए। पहले चरण में 26 मई को 1,293 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ, दूसरे चरण में 28 मई को वोट डाले गए, और तीसरे एवं अंतिम चरण के साथ प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों की समूची मतदान प्रक्रिया पूर्ण हो गई। अब सभी की निगाहें अंतिम मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।