जेपी नड्डा ने विजयपुर सुंगला में डाला वोट, हिमाचल पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में परिवार संग की भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार, 31 मई 2025 को हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में अपने पैतृक गाँव विजयपुर सुंगला, झंडूता विधानसभा क्षेत्र में परिवार के साथ मतदान किया। लोकतंत्र के इस पर्व में व्यक्तिगत भागीदारी दर्ज कराते हुए नड्डा ने प्रदेश के समस्त मतदाताओं से अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील भी की।
मतदान के बाद एक्स पर साझा किया संदेश
मतदान के तुरंत बाद नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परिवार के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के तीसरे चरण के मतदान के अवसर पर आज मैंने झंडूता विधानसभा क्षेत्र में स्थित अपने पैतृक गाँव विजयपुर सुंगला में अपने परिवार के साथ मतदान किया और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।' उन्होंने सामूहिक भागीदारी को पंचायती राज व्यवस्था की आधारशिला बताया।
पंचायती राज सशक्तीकरण पर बल
नड्डा ने अपने संदेश में कहा, 'पंचायती राज के सशक्तीकरण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सामूहिक भागीदारी का अपना एक विशिष्ट महत्व है। सभी मतदाता भाई-बहनों से आग्रह है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल हों और अपने गाँव, क्षेत्र व प्रदेश के समुचित विकास के साथ-साथ जन-उत्थान के लिए बिना किसी चूक के अपना मतदान अवश्य करें।' उन्होंने प्रत्येक वोट को सशक्त गाँव और विकसित हिमाचल प्रदेश के निर्माण का माध्यम बताया।
तीन चरणों में हो रहे हैं पंचायत चुनाव
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में संपन्न हो रहे हैं। तीसरे और अंतिम चरण का मतदान शनिवार को आयोजित किया गया। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित अन्य दल पंचायती राज संस्थाओं में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने के लिए पूरी ताकत से चुनावी मैदान में हैं। गौरतलब है कि पंचायत चुनाव जमीनी स्तर पर जनप्रतिनिधित्व तय करते हैं और ग्रामीण विकास की दिशा निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
आम जनता पर असर
नड्डा ने मतदान को नागरिकों का मौलिक कर्तव्य बताते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता का वोट ग्राम स्तर पर नीति-निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय करता है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्रीय मंत्री की व्यक्तिगत भागीदारी इस संदेश को और प्रभावी बनाती है कि लोकतंत्र की मज़बूती की शुरुआत गाँव से होती है।