18 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश डिजिटल जनगणना 2027: CM सुक्खू ने खुद दी जानकारी, 15 जून तक लोगों से अपील

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हिमाचल प्रदेश डिजिटल जनगणना 2027: CM सुक्खू ने खुद दी जानकारी, 15 जून तक लोगों से अपील

सारांश

हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद डिजिटल जनगणना में जानकारी दर्ज कराकर प्रदेशवासियों को 15 जून तक भाग लेने की अपील की। जनगणना-2027 दो चरणों में होगी — पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक, और पूरी प्रक्रिया फरवरी 2027 तक पूरी होगी।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 2 जून 2026 को शिमला में डिजिटल जनगणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कराई।
प्रदेशवासियों से 15 जून 2026 तक डिजिटल जनगणना में भाग लेने की अपील की गई।
जनगणना-2027 दो चरणों में होगी — पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 (गृह सूचीकरण और आवास जनगणना)।
पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में जनगणना 11 से 30 सितंबर 2026 तक; पूरे प्रदेश में 9 से 28 फरवरी 2027 तक पूरी होगी।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल और मोबाइल-आधारित होगी।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार, 2 जून 2026 को शिमला में डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में स्वयं भाग लेते हुए अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कराई। उन्होंने प्रदेशवासियों से 15 जून 2026 तक डिजिटल जनगणना में अपनी जानकारी देने की अपील की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक कमलेश ठाकुर तथा मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार भी उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

इस मौके पर जनगणना संचालन निदेशक दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जनगणना की पूरी प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना की तैयारियाँ इस प्रकार की गई हैं कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वयं डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराकर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जनगणना-2027 की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

जनगणना का शेड्यूल और चरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें गृह सूचीकरण और आवास जनगणना की जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य पूरा किया जाएगा।

पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है — इन इलाकों में 11 से 30 सितंबर 2026 तक डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया जारी रहेगी। समूचे प्रदेश में यह कार्य 9 से 28 फरवरी 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।

डिजिटल प्रक्रिया और आम जनता पर असर

इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है। नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज करा सकेंगे। यह कदम जनगणना को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है।

गौरतलब है कि डिजिटल जनगणना से एकत्र आँकड़े भविष्य में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की नींव बनेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'जब आप लोग अपने बारे में जानकारी नहीं देंगे, तब तक प्रदेश की असल तस्वीर सामने नहीं आएगी और अगर असल तस्वीर सामने नहीं आएगी, तो हम विकास का खाका तैयार नहीं कर पाएंगे।'

सरकार की अपील

मुख्यमंत्री सुक्खू ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों के साथ सकारात्मक सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाएँ शुरू करने के लिए सटीक जनसंख्या आँकड़े अनिवार्य हैं।

आगे चलकर इन्हीं आँकड़ों के आधार पर प्रदेश सरकार विकास योजनाओं का खाका तैयार करेगी। डिजिटल जनगणना में भागीदारी को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जन-भागीदारी की दर होगी — विशेषकर उन पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में जहाँ डिजिटल कनेक्टिविटी अभी भी अनिश्चित है। हिमाचल जैसे भौगोलिक रूप से जटिल राज्य में डिजिटल-केवल जनगणना का दृष्टिकोण तकनीकी रूप से महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके लिए ज़मीनी स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान की दरकार होगी। यदि आँकड़े अधूरे रहे, तो वही योजनाएँ प्रभावित होंगी जिनका हवाला सरकार दे रही है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश की डिजिटल जनगणना 2027 क्या है?
हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें नागरिक मोबाइल फोन के ज़रिए अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज करा सकेंगे। यह प्रक्रिया दो चरणों में 2026-27 के दौरान पूरी होगी।
हिमाचल जनगणना 2027 का शेड्यूल क्या है?
पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें गृह सूचीकरण और आवास जनगणना होगी। पहाड़ी क्षेत्रों में 11 से 30 सितंबर 2026 तक और पूरे प्रदेश में 9 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना पूरी की जाएगी।
CM सुक्खू ने लोगों से क्या अपील की है?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से 15 जून 2026 तक डिजिटल जनगणना में अपनी जानकारी दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सटीक आँकड़ों के बिना सरकार विकास योजनाएँ और जनकल्याण कार्यक्रम तैयार नहीं कर पाएगी।
डिजिटल जनगणना में भाग कैसे लें?
नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की बुनियादी जानकारी दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने अधिकारियों के साथ सकारात्मक सहयोग करने और जनगणना प्रक्रिया में मदद करने की भी अपील की है।
पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के लिए क्या व्यवस्था है?
पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया 11 से 30 सितंबर 2026 तक विशेष रूप से जारी रहेगी। इन क्षेत्रों की भौगोलिक जटिलता को देखते हुए अलग समयसीमा निर्धारित की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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