ओडिशा में डिजिटल जनगणना 2027 के लिए नवीन पटनायक ने स्व-गणना में भाग लिया

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ओडिशा में डिजिटल जनगणना 2027 के लिए नवीन पटनायक ने स्व-गणना में भाग लिया

सारांश

ओडिशा के विपक्षी नेता नवीन पटनायक ने डिजिटल जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील की है ताकि राज्य का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। जानिए इस महत्वपूर्ण अभियान के बारे में और क्या-क्या हो रहा है।

Key Takeaways

  • ओडिशा में डिजिटल जनगणना का शुभारंभ हुआ।
  • नवीन पटनायक ने स्व-गणना में भाग लिया।
  • नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।
  • जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से शुरू होगा।
  • यह डेटा विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

भुवनेश्वर, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने रविवार को राज्य में 1 अप्रैल से प्रारंभ हुई डिजिटल जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने नागरिकों से जनगणना 2027 के अभियान में योगदान देने का आग्रह किया, ताकि राज्य का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पटनायक ने लिखा, "मैंने आज देश में आरंभ किए गए 'डिजिटल जनगणना' कार्यक्रम में भाग लिया और अपना पंजीकरण कराया। सही आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में सहायक होंगे। चलिए, हम सभी इस अभियान में साथ दें और राज्य के उज्ज्वल भविष्य में योगदान करें।"

इससे पूर्व, राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने भी जनगणना 2027 के स्व-गणना पोर्टल पर अपने विवरण साझा किए।

ज्ञात हो कि राज्य में जनगणना कार्यक्रम, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत 'जनगणना संचालन निदेशालय, ओडिशा' और ओडिशा सरकार के 'राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग' के सहयोग से आरंभ किया गया है। जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से आरंभ होगा।

इस कार्यक्रम में, प्रशिक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक 16 अप्रैल से 15 मई तक घरों का दौरा करके आंकड़े एकत्र करेंगे। स्व-गणना कार्यक्रम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल की मध्यरात्रि तक चल रहा है।

इस पहल में, नागरिक 'सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल' के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं साझा कर रहे हैं।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नागरिकों से निवेदन किया है कि वे घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वेक्षण से पहले, अपने विवरण साझा करके जनगणना 2027 को सफल बनाने में मदद करें।

माझी ने कहा, "मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि यदि आपने अभी तक अपनी जानकारी नहीं दी है, तो कृपया इस पोर्टल के माध्यम से ऐसा करें और जनगणना में सहयोग दें। मैंने भी अपना सेल्फ-एन्यूमरेशन पूरा कर लिया है।"

उन्होंने आगे कहा, "16 अप्रैल से प्रशिक्षित एन्यूमेरेटर जानकारी जुटाने के लिए घरों का दौरा करेंगे। यह डेटा हमारे राज्य तथा देश के विकास कार्यक्रमों की योजना और कार्यान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि आप इस कार्यक्रम में सहयोग दें और इसे सफल बनाएं।"

Point of View

जिसमें नेताओं ने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह कदम राज्य के विकास के लिए आवश्यक आंकड़ों की संकलन प्रक्रिया को सुगम बनाने का प्रयास है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

डिजिटल जनगणना क्या है?
डिजिटल जनगणना एक स्वचालित प्रक्रिया है, जिसमें लोग अपने विवरण को ऑनलाइन साझा करते हैं।
स्व-गणना प्रक्रिया कब शुरू हुई?
स्व-गणना प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू हुई और 15 अप्रैल तक चलेगी।
इस जनगणना का महत्व क्या है?
यह जनगणना नागरिकों की भलाई के लिए आवश्यक योजनाओं के निर्माण में मदद करेगी।
कौन-कौन से नेता इसमें शामिल हुए हैं?
राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य नेताओं ने इस अभियान में भाग लिया है।
जनगणना के आंकड़े कब एकत्र किए जाएंगे?
आंकड़े 16 अप्रैल से 15 मई तक प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा एकत्र किए जाएंगे।
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