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पीके मिश्रा ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, डिजिटल युग में एक नई पहल

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पीके मिश्रा ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना पूरी की, डिजिटल युग में एक नई पहल

सारांश

प्रधानमंत्री के सचिव पीके मिश्रा ने जनगणना 2027 के लिए अपनी स्व-गणना पूरी की। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस प्रक्रिया के महत्व और कैसे नागरिक इस पहल में भाग ले सकते हैं।

मुख्य बातें

पीके मिश्रा ने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना पूरी की।
जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा।
डिजिटल स्व-गणना नागरिकों को घर का विवरण ऑनलाइन जमा करने की सुविधा देती है।
यह प्रक्रिया प्रशासन को तेज और पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।
स्व-गणना पोर्टल विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है।

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने शनिवार को जनगणना 2027 के पहले चरण (गृह सूचीकरण और आवास जनगणना) के लिए अपनी स्व-गणना को पूरा कर लिया।

इस उपलब्धि की सूचना भारत की जनगणना के आधिकारिक हैंडल द्वारा दी गई, जिसने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में मिश्रा की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार प्रकट किया।

उन्हें इस समयोचित कदम के लिए प्रशंसा मिल रही है, जिसे प्रशासन के उच्च स्तर से एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो नागरिकों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है।

जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल, 2026 को शुरू होगा। यह भारतीय जनगणना संचालन के इतिहास में पहली बार है जब सरकार ने डिजिटल स्व-गणना की सुविधा शुरू की है।

इससे नागरिकों को जनगणना अधिकारियों द्वारा घरों के सत्यापन से पहले अपने घर का विवरण ऑनलाइन प्रस्तुत करने की सुविधा मिलती है।

स्व-गणना पोर्टल वर्तमान में विभिन्न राज्यों और जम्मू-कश्मीर में क्रमबद्ध तरीके से खुला है।

प्रारंभिक चरण में ओडिशा, कर्नाटक, गोवा, लक्षद्वीप, मिजोरम, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दिल्ली के कुछ हिस्सों सहित आठ राज्य शामिल हैं।

प्रत्येक क्षेत्र में 30 दिनों के घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिनों की स्व-गणना अवधि निर्धारित की गई है।

स्व-गणना पूरी करके, निवासी आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों पर सटीक और विश्वसनीय डेटा तैयार करने में योगदान देते हैं।

यह जानकारी प्रभावी योजना, समावेशी विकास कार्यक्रमों और साक्ष्य-आधारित शासन का आधार बनती है। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि डिजिटल विकल्प प्रक्रिया को तेज, अधिक पारदर्शी और अधिक नागरिकों के लिए सुलभ बनाता है।

पोर्टल कई भाषाओं में उपलब्ध है और मोबाइल नंबरों के माध्यम से सुरक्षित प्रमाणीकरण का उपयोग करता है।

जनगणना अधिकारियों ने सभी योग्य नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी स्व-गणना पूरी करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों के लिए भी यह एक प्रेरणा स्रोत बन सकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 का पहला चरण कब शुरू होगा?
जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल, 2026 को शुरू होगा।
डिजिटल स्व-गणना का क्या महत्व है?
डिजिटल स्व-गणना से नागरिकों को घर का विवरण ऑनलाइन जमा करने की सुविधा मिलती है, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है।
स्व-गणना पोर्टल किन राज्यों में उपलब्ध है?
स्व-गणना पोर्टल वर्तमान में ओडिशा, कर्नाटक, गोवा, लक्षद्वीप, मिजोरम, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दिल्ली के कुछ हिस्सों में उपलब्ध है।
स्व-गणना करने का तरीका क्या है?
नागरिक पोर्टल पर लॉग इन करके अपने घर का विवरण ऑनलाइन भर सकते हैं।
स्व-गणना का डेटा कैसे उपयोग किया जाएगा?
स्व-गणना का डेटा प्रभावी योजना, विकास कार्यक्रमों और शासन के लिए आधार बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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