हिमाचल पंचायत चुनाव 2026: 70,224 उम्मीदवार मैदान में, 51 शहरी निकायों में 17 मई को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद प्रदेशभर की पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कुल 70,224 उम्मीदवार चुनावी दंगल में बने हुए हैं। वहीं, राज्य के 51 शहरी स्थानीय निकायों में 17 मई 2026 (रविवार) को मतदान संपन्न होगा। चुनावी तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं और सभी पोलिंग पार्टियाँ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुँच गई हैं।
चुनावी प्रक्रिया का घटनाक्रम
पंचायत चुनावों की प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी होने के साथ आरंभ हुई थी। उम्मीदवारों ने 7, 8 और 11 मई को नामांकन पत्र दाखिल किए, जिनकी जाँच 12 और 13 मई को की गई। 15 मई को नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी हुई।
कुल 86,725 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे, जिनमें से जाँच के दौरान 793 नामांकन रद्द किए गए। इसके अतिरिक्त 15,708 उम्मीदवारों ने स्वेच्छा से अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद अंतिम रूप से 70,224 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष रहे।
जिलावार उम्मीदवारों की संख्या
जिलावार आँकड़ों में कांगड़ा सबसे आगे है, जहाँ 17,643 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मंडी में 11,728, चंबा में 7,315 और शिमला में 6,118 प्रत्याशी मैदान में हैं।
हमीरपुर में 4,849, ऊना में 4,755, सोलन में 4,195, बिलासपुर में 4,145 और कुल्लू में 4,098 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सिरमौर में 3,919 प्रत्याशी मैदान में हैं। जनजातीय जिलों में किन्नौर से 1,034 और लाहौल-स्पीति से 425 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में हैं।
तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 26, 28 और 30 मई 2026 को तीन चरणों में आयोजित किए जाएँगे। मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से होगा। निर्वाचन आयोग ने जिला स्तर पर सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
शहरी निकाय चुनाव: विशेष स्थितियाँ
51 शहरी स्थानीय निकायों में 4 नगर निगम और 47 नगर परिषद व नगर पंचायतें शामिल हैं। शुरुआत में 449 वार्डों में मतदान प्रस्तावित था, परंतु 10 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। नगर पंचायत करसोग के वार्ड नंबर-7 में कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ, जबकि मंडी नगर निगम के वार्ड नंबर-14 में सभी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के कारण सीट रिक्त रह गई है।
निर्वाचन आयोग ने मतदाता जागरूकता के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन को निर्देश जारी किए हैं। राजनीतिक दलों और स्थानीय समूहों ने जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान तेज कर दिया है, जिससे चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। अब सभी की निगाहें 17 मई के शहरी निकाय मतदान और उसके बाद मई के अंत में होने वाले पंचायत चुनावों पर टिकी हैं।