हिमाचल प्रदेश नगर निगम चुनाव 2026: सोलन, मंडी, धर्मशाला, पालमपुर में मतदान जारी, 1,147 उम्मीदवार मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों — सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर — में 17 मई 2026 (रविवार) को मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो नागरिकों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्ण भागीदारी का प्रमाण है। इन चारों नगर निगमों के 439 पदों के लिए कुल 1,147 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह 7 बजे मतदान की शुरुआत के साथ ही सोलन और मंडी के पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंडी नगर निगम के मंगवाई बूथ पर निर्धारित समय पर मतदान आरंभ हुआ। समखेतर मॉडल मतदान केंद्र (वार्ड 27, 28, 29) पर भी मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
यह चुनाव केवल नगर निगमों तक सीमित नहीं है — राज्य में 25 नगर परिषदों (म्युनिसिपल काउंसिल्स) और 22 नगर पंचायतों के लिए भी एक साथ मतदान हो रहा है, जो इसे हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों का अब तक का सबसे व्यापक आयोजन बनाता है।
मतदाताओं की आवाज़
एक महिला मतदाता ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि लोकतंत्र में अच्छे लोग आगे आएं और देश की प्रगति के लिए काम करें। इन नगर निगम चुनावों में जो भी जीते, वह पूरे वार्ड और क्षेत्र के विकास के लिए ठीक से काम करे।' एक अन्य मतदाता ने कहा, 'हर व्यक्ति को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। एक अच्छा प्रतिनिधि चुना जाना चाहिए, जो वार्ड में सभी विकास कार्यों को पूरा करे।'
मतदाताओं की यह भावना इस बात की ओर संकेत करती है कि स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिकों की अपेक्षाएँ विकास और जवाबदेही पर केंद्रित हैं।
राज्य चुनाव आयोग की सख्ती
राज्य चुनाव आयोग ने सभी मतदान कर्मियों को निर्देश दिया है कि चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की चूक या कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश बूथ-स्तरीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नतीजे कब आएंगे
नगर परिषदों और नगर पंचायतों के मतों की गिनती मतदान समाप्त होते ही उसी दिन शुरू हो जाएगी। वहीं, चारों नगर निगमों — सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला — के चुनाव परिणाम 31 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। इन नतीजों पर राज्य की सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों पार्टियों की नज़रें टिकी हैं, क्योंकि शहरी निकाय चुनाव अक्सर राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत देते हैं।