शेफाली जरीवाला की मौत पर पराग त्यागी का खुलासा: 'कुछ चीजें अस्वाभाविक लगीं, सब भगवान पर छोड़ा'

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शेफाली जरीवाला की मौत पर पराग त्यागी का खुलासा: 'कुछ चीजें अस्वाभाविक लगीं, सब भगवान पर छोड़ा'

सारांश

पराग त्यागी ने शेफाली जरीवाला के निधन पर चुप्पी तोड़ी — कहा, कुछ बातें 'अस्वाभाविक' लगीं, पर किसी पर आरोप नहीं। 2021 से 2024 के बीच उन्हें गहराई से एहसास हुआ कि 'कुछ ठीक नहीं था'। आस्था और सनातन दर्शन को बताया अपनी ताकत का स्रोत।

मुख्य बातें

अभिनेता पराग त्यागी ने 17 मई को दिवंगत अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन पर पहली बार विस्तृत बयान दिया।
त्यागी ने कहा कि 2021 से 2024 के बीच उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगा कि 'कुछ अस्वाभाविक हुआ था'।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पर आरोप नहीं लगा रहे और सब कुछ ईश्वर पर छोड़ दिया है।
दोनों नियमित ब्लड टेस्ट और हेल्थ चेकअप करवाते थे — स्वास्थ्य के प्रति सजग थे।
पवित्र रिश्ता और जोधा अकबर फेम त्यागी ने आध्यात्म और सनातन दर्शन को अपनी मानसिक शक्ति का स्रोत बताया।

अभिनेता पराग त्यागी ने दिवंगत अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन को लेकर पहली बार विस्तार से बात की और स्वीकार किया कि उस दौरान कई बातें उन्हें 'बेहद अस्वाभाविक' लगी थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे और यह मामला उन्होंने पूरी तरह ईश्वर के हाथों में सौंप दिया है।

क्या बोले पराग त्यागी

पराग त्यागी ने कहा, 'कुछ चीजें मुझे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वाभाविक लगी थीं। हम दोनों अपनी सेहत को लेकर बेहद सजग थे। हर कुछ महीनों में नियमित ब्लड टेस्ट और हेल्थ चेकअप करवाते थे।' उन्होंने यह भी बताया कि उस समय वे आध्यात्मिक रूप से भगवान हनुमान की भक्ति में गहराई से लीन थे।

त्यागी ने कहा, '2021 से 2024 के बीच मैंने कई चीजों को गहराई से समझना शुरू किया। मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगा कि कुछ अस्वाभाविक हुआ था — हालांकि उस वक्त मैं उसे पूरी तरह समझ नहीं पाया था।'

आरोप नहीं, आस्था पर भरोसा

त्यागी ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी को दोषी नहीं ठहराते। उनके शब्दों में, 'मैं भगवान, कर्म और सही समय पर भरोसा करता हूँ। मेरा मानना है कि जब सही समय आएगा, सच अपने आप सामने आ जाएगा। मैंने सब कुछ भगवान के हाथों में छोड़ दिया है।' यह बयान उस समय आया है जब काले जादू या नकारात्मक ऊर्जा को लेकर उनके पहले के संकेतों पर सवाल उठाए जा रहे थे।

काम और व्यस्तता पर विचार

जब उनसे पूछा गया कि क्या काम ने इस कठिन दौर में उन्हें मानसिक रूप से संभाला, तो उन्होंने कहा, 'लोग अक्सर कहते हैं कि खुद को व्यस्त रखो, लेकिन हर समय व्यस्त रहना भी कहीं न कहीं भागने जैसा हो सकता है। कोई इंसान 24 घंटे काम नहीं कर सकता।' पवित्र रिश्ता और जोधा अकबर जैसे चर्चित धारावाहिकों में अभिनय कर चुके त्यागी ने कहा कि उन्हें असली शक्ति आध्यात्म और सनातन दर्शन से मिली।

आध्यात्म से मिली शक्ति

त्यागी ने कहा, 'आध्यात्म से जुड़ने पर दर्द खत्म नहीं होता, लेकिन उससे दर्द सहने की शक्ति जरूर मिलती है। आज की युवा पीढ़ी या तो जरूरत से ज्यादा काम में खो जाती है या फिर भटकाव और इच्छाओं में। असली ताकत आध्यात्म, विश्वास, संस्कृति और भगवान से भीतर के जुड़ाव से आती है — चाहे आप किसी भी धर्म से हों।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब शेफाली जरीवाला के निधन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएँ जारी हैं। आगे देखना होगा कि इस मामले में कोई आधिकारिक जाँच या स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शकों के बीच भ्रम और अटकलें बढ़ा सकता है। मनोरंजन पत्रकारिता की जिम्मेदारी है कि ऐसे बयानों को उचित संदर्भ और सावधानी के साथ प्रस्तुत करे।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पराग त्यागी ने शेफाली जरीवाला के निधन पर क्या कहा?
पराग त्यागी ने कहा कि उन्हें उस दौरान कई चीजें 'अस्वाभाविक' लगी थीं और 2021 से 2024 के बीच उन्हें गहराई से एहसास हुआ कि 'कुछ ठीक नहीं था'। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पर आरोप नहीं लगा रहे।
क्या पराग त्यागी ने काले जादू को शेफाली जरीवाला की मौत का कारण बताया?
नहीं। पराग त्यागी ने सीधे तौर पर काले जादू को कारण नहीं बताया। उन्होंने केवल यह कहा कि कुछ बातें उन्हें 'अस्वाभाविक' लगी थीं और उन्होंने सब कुछ ईश्वर पर छोड़ दिया है।
पराग त्यागी कौन हैं और शेफाली जरीवाला से उनका क्या रिश्ता था?
पराग त्यागी एक अभिनेता हैं जो 'पवित्र रिश्ता' और 'जोधा अकबर' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम कर चुके हैं। शेफाली जरीवाला उनकी करीबी सहयोगी थीं और दोनों के बीच गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव था।
पराग त्यागी को इस कठिन दौर में किस चीज़ से ताकत मिली?
पराग त्यागी ने बताया कि उन्हें सबसे अधिक शक्ति आध्यात्म और सनातन दर्शन से मिली। उनके अनुसार, आध्यात्म से दर्द खत्म नहीं होता, लेकिन उसे सहने की शक्ति जरूर मिलती है।
पराग त्यागी ने युवा पीढ़ी को क्या संदेश दिया?
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी या तो अत्यधिक काम में खो जाती है या भटकाव में। असली ताकत आध्यात्म, विश्वास और संस्कृति से आती है — चाहे कोई किसी भी धर्म से हो।
राष्ट्र प्रेस
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