हिमाचल निकाय चुनाव 2026: 51 शहरी निकायों में मतदान जारी, सुक्खू और बिंदल ने मतदाताओं से की अपील
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में 17 मई 2026 को चार नगर निगमों सहित 51 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान प्रक्रिया जारी है। राज्य के 3,60,859 पात्र मतदाता आज 1,147 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नागरिकों से मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
मतदान का विवरण और प्रमुख क्षेत्र
मतदान सुबह 7 बजे से प्रारंभ हुआ। जिन चार नगर निगमों में आज मतदान हो रहा है, उनमें सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर शामिल हैं। ये चुनाव स्थानीय शासन की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि नगर निगम ही शहरी बुनियादी ढाँचे और नागरिक सेवाओं के प्रबंधन की धुरी होती हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू की अपील
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर नागरिकों से कहा, 'निकाय चुनाव आपके अपने शहर, नगर और वार्ड के भविष्य को संवारने का बड़ा अवसर है। लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और घरों से निकल कर मतदान अवश्य करें।' उन्होंने आगे कहा कि 'आपका वोट आपके अपने शहर की मूलभूत सुविधाओं की दिशा तय करेगा' और मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देने का आग्रह किया।
भाजपा अध्यक्ष बिंदल ने नाहन में डाला वोट
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपने परिवार के साथ नाहन के वार्ड नंबर 5 में मतदान किया। उन्होंने भी नागरिकों से मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। बिंदल ने एक्स पर लिखा कि 'नाहन में विकास का नया दौर लाने के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को वोट दें।' उन्होंने यह भी दावा किया कि एक वर्ष के भीतर हिमाचल में भाजपा सरकार का गठन होगा और कांग्रेस सरकार पर साढ़े तीन साल में 'केवल तालाबंदी' करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक महत्व और पृष्ठभूमि
ये निकाय चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान चरम पर है। गौरतलब है कि स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर राज्य की जनता के मूड का संकेत देते हैं और भविष्य के विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में भूमिका निभाते हैं। दोनों प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं का सक्रिय प्रचार इन चुनावों की राजनीतिक अहमियत को रेखांकित करता है।
आगे क्या
मतदान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतगणना की तारीख की घोषणा की जाएगी। इन चुनावों के नतीजे राज्य में दोनों प्रमुख दलों की शहरी जनाधार की ताकत को स्पष्ट करेंगे और 2027 के संभावित विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।