12 जुलाई 2026
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हिमाचल BJP ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता को सौंपा ज्ञापन, स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के हस्तक्षेप का आरोप

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हिमाचल BJP ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता को सौंपा ज्ञापन, स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के हस्तक्षेप का आरोप

सारांश

BJP का आरोप — हिमाचल की कांग्रेस सरकार स्थानीय निकाय चुनावों में नियम बदलकर और प्रशासनिक दबाव से जनादेश को प्रभावित कर रही है। राजीव बिंदल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। जय राम ठाकुर भी मौजूद रहे।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 25 मई 2026 को शिमला के लोक भवन में राज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष नेता जय राम ठाकुर भी बैठक में उपस्थित रहे।
BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद आरक्षण प्रावधानों और नगर निकाय अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के नियमों में बदलाव किए।
बिंदल ने कहा कि हार के डर से कांग्रेस कई स्थानों पर उम्मीदवार नामांकित करने में विफल रही।
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन पर राजभवन और कांग्रेस सरकार की प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के नेतृत्व में एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 25 मई 2026 को शिमला के लोक भवन में राज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात की और राज्य की कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज तथा शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी कई वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ इस बैठक में उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव किए और प्रावधानों में संशोधन किए। BJP का कहना है कि आरक्षण संबंधी प्रावधानों तथा नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के चुनाव से जुड़े नियमों में किए गए बदलावों का उद्देश्य अधिकारियों को अत्यधिक विवेकाधीन शक्तियाँ देना और परोक्ष रूप से कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक लाभ पहुँचाना है।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव परंपरागत रूप से गैर-दलीय आधार पर लड़े जाते रहे हैं। BJP का आरोप है कि सरकार इस परंपरा को भंग कर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के ज़रिये जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने 'लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा' के लिए राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पूरे राज्य में जनता के भारी रोष का सामना करना पड़ रहा है और स्थानीय निकाय चुनावों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ रहा है।

बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि हार के भय से कांग्रेस कई स्थानों पर आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार नामांकित करने में विफल रही है और अब चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर कर खुद को राजनीतिक रूप से सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है।

विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया जारी है। इन चुनावों का सीधा असर ज़िला और पंचायत स्तर पर स्थानीय प्रशासन, विकास कार्यों और जन-प्रतिनिधित्व पर पड़ता है। BJP के आरोप सही हों या न हों, चुनावी नियमों में बदलाव की बात ने आम मतदाताओं में असमंजस की स्थिति पैदा की है।

क्या होगा आगे

राज्यपाल कविंदर गुप्ता को सौंपे गए ज्ञापन पर राजभवन की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। BJP ने संकेत दिया है कि यदि हस्तक्षेप जारी रहा तो वह और कड़े कदम उठाएगी। कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक संदेश है — कि विपक्ष राज्यपाल के दरवाज़े तक पहुँचकर कांग्रेस को संवैधानिक दायरे में घेरना चाहता है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि राज्यपाल के पास स्थानीय निकाय चुनावों में सीधे हस्तक्षेप की सीमित संवैधानिक शक्ति होती है। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों में बदलाव वास्तव में हुए और क्या वे न्यायिक समीक्षा के दायरे में आते हैं — जो अदालत तय करेगी, राजभवन नहीं। मुख्यधारा की कवरेज इस कानूनी पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल के राज्यपाल से क्यों मुलाकात की?
BJP ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायती राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में हस्तक्षेप कर रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव किए गए, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि आरक्षण प्रावधानों और नगर परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के नियमों में बदलाव का मकसद अधिकारियों को विवेकाधीन शक्तियाँ देना और कांग्रेस नेताओं को परोक्ष लाभ पहुँचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि हार के डर से कांग्रेस कई जगह उम्मीदवार नामांकित नहीं कर पाई।
जय राम ठाकुर ने इस मामले में क्या कहा?
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वे राजीव बिंदल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर राज्यपाल से मिले।
हिमाचल में स्थानीय निकाय चुनाव किस आधार पर होते हैं?
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव परंपरागत रूप से गैर-दलीय आधार पर लड़े जाते रहे हैं। BJP का आरोप है कि इस बार सरकार दलीय राजनीतिक प्रभाव के ज़रिये इस परंपरा को तोड़ रही है।
इस ज्ञापन के बाद आगे क्या होगा?
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन पर राजभवन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। कांग्रेस सरकार ने भी इन आरोपों पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। BJP ने संकेत दिया है कि यदि हस्तक्षेप जारी रहा तो वह और कदम उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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