हिमाचल भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर पंचायत चुनावों को हाईजैक करने का आरोप लगाया

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हिमाचल भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर पंचायत चुनावों को हाईजैक करने का आरोप लगाया

सारांश

राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को प्रभावित कर रही है। क्या यह लोकतंत्र की हत्या है?

Key Takeaways

  • राजीव बिंदल का आरोप है कि राज्य सरकार चुनावों को हाईजैक कर रही है।
  • कांग्रेस ने पहले चुनावों को टालने की कोशिश की थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों की तिथि पर स्पष्ट आदेश दिया है।
  • आरक्षण रोस्टर में बदलाव पर बिंदल ने आपत्ति जताई है।
  • भाजपा ने इसे लोकतंत्र-विरोधी साजिश करार दिया है।

शिमला, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार 'एक सुनियोजित तरीके से पंचायती राज और नगर निगम चुनावों को हाईजैक करने की साजिश कर रही है।'

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले चुनावों को दो साल के लिए टालने का प्रयास किया और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

बिंदल ने कहा, "जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि चुनाव 31 मई से पहले होने चाहिए, तो राज्य सरकार ने अब धांधली का एक नया खेल शुरू कर दिया है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार, आरक्षण रोस्टर को 'जादूगर के खेल' की तरह बदला जा रहा है।

उन्होंने कहा, "यह कोई चुनावी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि कांग्रेस का 'सुविधा मॉडल' है, जहां रोस्टर नियमों के अनुसार नहीं, बल्कि अपनी सुविधा के अनुसार तय किया जा रहा है।"

पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया "पंचायती राज अधिनियम और संविधान के अनुच्छेद 243डी की मूल भावना के खिलाफ है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आरक्षण और रोस्टर एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी तरीके से तय किए जाएंगे, न कि चुनावी समीकरणों को साधने के लिए बार-बार उनमें बदलाव करके।"

बिंदल ने कहा कि सरकारी अधिकारी कांग्रेस नेताओं और राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे गांवों और मोहल्लों में भ्रम और तनाव पैदा हो रहा है।

उन्होंने कहा, "यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि दादागिरी है, जहां सत्ता बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है।"

उन्होंने कहा कि लाखों युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, जो पंचायतों में सेवा करना चाहते हैं, लगातार बदलते रोस्टर से निराश और हताश हो गए हैं।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस को साफ दिख रहा है कि लोगों ने उन्हें (कांग्रेस को) सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है, इसलिए अब वे (कांग्रेस) खुद चुनावी प्रक्रिया को ही हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।"

राज्य भाजपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि पार्टी इस 'लोकतंत्र-विरोधी साजिश' को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी और इस मुद्दे को सड़कों से लेकर अदालतों तक उठाकर राज्य सरकार का पर्दाफाश करती रहेगी।

Point of View

बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर भी सवाल उठाता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को टाला गया है?
हां, कांग्रेस सरकार ने पंचायत चुनावों को दो साल के लिए टालने की कोशिश की थी, जो बाद में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा।
राजीव बिंदल ने क्या आरोप लगाया है?
राजीव बिंदल ने राज्य सरकार पर पंचायत चुनावों को हाईजैक करने की साजिश का आरोप लगाया है।
क्या यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है?
जी हां, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि चुनाव 31 मई से पहले होने चाहिए।
क्या कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की है?
बिंदल के अनुसार, कांग्रेस ने आरक्षण रोस्टर में बदलाव करके चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की है।
भाजपा इस मुद्दे पर क्या कर रही है?
भाजपा ने इस मुद्दे को सड़कों से लेकर अदालतों तक उठाने की योजना बनाई है।
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