शिमला में BJP महिला मोर्चा की 'जन आक्रोश पदयात्रा' में उमड़ा महिलाओं का सैलाब, कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
सारांश
Key Takeaways
- 23 अप्रैल को शिमला में BJP महिला मोर्चा की जन आक्रोश महिला पदयात्रा में हजारों महिलाओं ने भाग लिया।
- पदयात्रा की अध्यक्षता प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर ने की; जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और श्रीकांत शर्मा भी मौजूद रहे।
- BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक को विफल किया।
- विधायक रीना कश्यप ने आरोप लगाया कि सोलन से आने वाली महिलाओं की बसें प्रशासन ने जानबूझकर रोकीं और डायवर्ट कीं।
- डेज़ी ठाकुर ने महिला आरक्षण विधेयक के अटकने को लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताया।
- राजीव बिंदल ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में बीते दशक में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त किया गया है।
शिमला, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में 23 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हजारों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन महिला शक्ति, उनके अधिकारों और शासन में समान भागीदारी के सशक्त प्रदर्शन के रूप में सामने आया। कांग्रेस सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक कारणों से रोकने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने जोरदार हमला बोला।
किसने की कार्यक्रम की अध्यक्षता और कौन-कौन रहे मौजूद?
इस पदयात्रा की अध्यक्षता प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर ने की। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और सह-प्रभारी संजय टंडन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नारी शक्ति वंदन अभियान पर क्या बोलीं पायल वैद्य?
सभा को संबोधित करते हुए पायल वैद्य ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अभियान महिलाओं को पंचायत से लेकर संसद तक 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक के लिए संसद का विशेष सत्र तक बुलाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के चलते इसे विफल कर दिया। प्रियंका गांधी के महिला सशक्तिकरण के नारों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि असली परीक्षा में कांग्रेस पीछे हट गई।
डेज़ी ठाकुर ने विधेयक रुकने को क्यों बताया काला दिन?
डेज़ी ठाकुर ने महिला आरक्षण विधेयक के अटकने को लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन करार दिया। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं को केवल वोट बैंक की नजर से देखने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा महज राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की गरिमा और स्वाभिमान से सीधे जुड़ा हुआ है।
रश्मि धर सूद और रीना कश्यप ने क्या आरोप लगाए?
प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचलने का काम किया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के विरुद्ध षड्यंत्र बताया।
विधायक रीना कश्यप ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सोलन और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं की बसों को जानबूझकर रोका और डायवर्ट किया गया। इसके बावजूद भारी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने इन तमाम कोशिशों को नाकाम कर दिया।
राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर क्या कहा?
प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को रोककर कांग्रेस ने देश की करोड़ों महिलाओं के साथ घोर विश्वासघात किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते एक दशक में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक तीनों मोर्चों पर सशक्त किया गया है।
बिंदल ने कहा कि अब शासन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना अगला और अनिवार्य कदम है, जिसे भाजपा हर हाल में पूरा करेगी।