श्रीनगर होटल में लिफ्ट हादसा: बेंगलुरु के 6 पर्यटक घायल, जांच शुरू
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल को श्रीनगर के होटल एरिसन लग्जरी, हैदरपोरा में लिफ्ट गिरने की दुर्घटना हुई।
- बेंगलुरु के 6 पर्यटक — वेंकटेश, मंगुला, कुशला, पंकज, वेंकटलक्ष्मी और सौभाग्य — घायल हुए।
- सभी घायलों को बोन एंड जॉइंट अस्पताल, बरजुल्ला में भर्ती कराया गया, हालत स्थिर है।
- लिफ्ट गिरने से पर्यटकों के पैरों और शरीर के निचले हिस्से में चोटें आईं।
- होटल प्रबंधन ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
- अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है; लापरवाही की संभावना की भी जांच होगी।
श्रीनगर, 24 अप्रैल। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के हैदरपोरा इलाके में स्थित होटल एरिसन लग्जरी में शुक्रवार को लिफ्ट अचानक गिर जाने से बेंगलुरु से आए 6 पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल बरजुल्ला स्थित बोन एंड जॉइंट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
क्या हुआ हादसे में?
अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट गिरने के कारण सभी 6 पर्यटकों के पैरों और शरीर के निचले हिस्से में अलग-अलग प्रकार की चोटें आईं। घायलों की पहचान वेंकटेश (65 वर्ष), डी. मंगुला (54 वर्ष), कुशला (18 वर्ष), पंकज (16 वर्ष), वेंकटलक्ष्मी (60 वर्ष) और सौभाग्य (60 वर्ष) के रूप में की गई है। ये सभी बेंगलुरु के निवासी हैं और कश्मीर घाटी की सैर के लिए यहां आए थे।
हादसे के वक्त सभी पर्यटक होटल की लिफ्ट में सवार थे। लिफ्ट के अचानक नीचे गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद होटल कर्मचारियों ने तुरंत आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया।
अस्पताल में उपचार और मौजूदा स्थिति
सभी 6 घायलों को बरजुल्ला स्थित बोन एंड जॉइंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जो हड्डी और जोड़ों की चोटों के उपचार के लिए जम्मू-कश्मीर का प्रमुख विशेषज्ञ अस्पताल है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी मरीजों की स्थिति अभी स्थिर है और उनका उपचार जारी है।
घायलों में सबसे युवा पंकज (16 वर्ष) और कुशला (18 वर्ष) हैं, जबकि बुजुर्ग पर्यटकों में वेंकटेश (65 वर्ष), वेंकटलक्ष्मी (60 वर्ष) और सौभाग्य (60 वर्ष) शामिल हैं।
होटल प्रबंधन और जांच
घटना के बाद होटल एरिसन लग्जरी के प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने लिफ्ट में आई तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने और यह जांचने के लिए कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं बरती गई, जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह भी देखेंगी कि होटल की लिफ्ट का रखरखाव और सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से हो रहा था या नहीं। यह घटना होटल और पर्यटन उद्योग में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पर्यटन सीजन और सुरक्षा की चिंता
इस वर्ष मैदानी इलाकों में गर्मी की शुरुआत जल्दी होने के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में पर्यटक कश्मीर घाटी का रुख कर रहे हैं। इन दिनों घाटी में दिन का औसत तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहता है, जो पर्यटकों के लिए अनुकूल है।
पर्यटन के इस चरम सीजन में यह हादसा होटल उद्योग के लिए एक बड़ी चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कश्मीर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ होटलों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जांच को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए।
व्यापक संदर्भ: होटल सुरक्षा मानकों पर सवाल
गौरतलब है कि भारत में होटल लिफ्ट हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। देशभर में समय-समय पर लिफ्ट दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि भवन सुरक्षा कानूनों का पालन अभी भी एक बड़ी चुनौती है। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच होटलों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन नियामक निगरानी उस गति से नहीं बढ़ी।
आलोचकों का कहना है कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने की होड़ में अक्सर होटलों के सुरक्षा ऑडिट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जाता है। यह हादसा प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या कश्मीर के होटलों में लिफ्ट सुरक्षा मानकों की नियमित जांच हो रही है।
आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के पीछे तकनीकी खामी थी या प्रबंधकीय लापरवाही। साथ ही, प्रशासन की ओर से कश्मीर के अन्य होटलों में भी सुरक्षा निरीक्षण अभियान चलाए जाने की संभावना है।