शिमला: भाजपा नेताओं ने कर्नाटक में विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट देने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

Click to start listening
शिमला: भाजपा नेताओं ने कर्नाटक में विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट देने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

सारांश

शिमला में भाजपा नेताओं ने कर्नाटक सरकार के उस निर्णय की कड़ी निंदा की है, जिसमें विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट देने की बात की गई है। उन्होंने इसे 'वीआईपी कल्चर' के खिलाफ एक कदम बताया है। जानिए क्या है इस विवाद की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • भाजपा नेताओं ने कर्नाटक सरकार के निर्णय की आलोचना की।
  • यह निर्णय 'वीआईपी कल्चर' को बढ़ावा देने वाला माना गया।
  • सभी नागरिकों को समान मानने की बात की गई।
  • सतपाल सिंह सत्ती ने इसे हास्यास्पद बताया।
  • राज्य का पैसा निजी रुचियों पर खर्च नहीं होना चाहिए।

शिमला, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश में भाजपा के नेताओं ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार के उस निर्णय की आलोचना की, जिसमें विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट देने की पेशकश की गई है। उन्होंने इसे 'वीआईपी कल्चर' का एक स्पष्ट उदाहरण बताया।

भाजपा के नेताओं ने कहा कि यह निर्णय कर्नाटक सरकार के विधायकों को मुफ्त आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के टिकट देने का है। उनका तर्क है कि यह कदम 'वीआईपी कल्चर' को बढ़ावा देता है और यह आम जनता के हित में नहीं है।

भाजपा विधायक रंधीर शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह कदम दिखाता है कि सरकार समानता की बजाय विशेषाधिकार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी इस तरह के वीआईपी कल्चर के खिलाफ है, जबकि कांग्रेस इसे अपनाने में पीछे नहीं है। यही कारण है कि कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, उन्होंने अपने विधायकों के लिए ऐसा निर्णय लिया।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरे अनुसार सभी नागरिक समान हैं। इसलिए, ऐसा निर्णय न तो जनता के हित में है और न ही राष्ट्रहित में है। सरकारों को इस तरह के फैसलों से बचना चाहिए।"

इसी तरह, भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने इस फैसले को हास्यास्पद बताते हुए सवाल उठाया कि क्या विधायकों के पास कोई अन्य कार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "क्या विधायकों ने खुद को जनता से ऊपर रख लिया है?"

सतपाल सिंह सत्ती ने नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह कांग्रेस की संस्कृति को दर्शाता है, क्योंकि उनके विधायक मेहनत करने के आदी नहीं हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत रुचियों पर राज्य का पैसा नहीं खर्च होना चाहिए। अगर कोई विधायक या मंत्री क्रिकेट देखने का इतना शौक रखते हैं, तो उन्हें अपने पैसे से जाना चाहिए।

उन्होंने अन्य राज्यों को चेतावनी देते हुए कहा, "हिमाचल सरकार को भी ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए। मुझे लगता है कि इसकी ज्यादा मांग नहीं होगी, क्योंकि हमारे लोग बहुत स्वाभिमानी हैं, और यदि वे जाना चाहेंगे, तो अपने पैसे से ही जाएंगे।"

राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ, जब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने घोषणा की कि हर विधायक को आईपीएल के लिए तीन मुफ्त टिकट और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए दो टिकट दिए जाएंगे, साथ ही अतिरिक्त टिकट खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

यह निर्णय कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ चर्चा के बाद आया और विधायकों की टिकट वितरण को लेकर मांगों के बाद इसका विवाद शुरू हुआ, जिससे सार्वजनिक पद का व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल और विशेषाधिकारों पर बहस छिड़ गई।

Point of View

NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

कर्नाटक सरकार ने विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट क्यों दिए?
कर्नाटक सरकार ने विधायकों को मुफ्त आईपीएल टिकट देने का निर्णय लिया ताकि वे खेल के प्रति जागरूकता बढ़ा सकें।
भाजपा नेताओं ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा नेताओं ने इसे 'वीआईपी कल्चर' कहकर आलोचना की है, यह कहते हुए कि यह आम जनता के हित में नहीं है।
क्या अन्य राज्यों को भी ऐसे निर्णय लेने चाहिए?
भाजपा नेताओं का मानना है कि अन्य राज्यों को ऐसे निर्णय नहीं लेने चाहिए, क्योंकि यह जनता के स्वाभिमान के खिलाफ है।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने क्या घोषणा की?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने घोषणा की कि हर विधायक को आईपीएल के लिए तीन मुफ्त टिकट दिए जाएंगे।
इस विवाद का क्या प्रभाव हो सकता है?
यह विवाद सार्वजनिक पद के व्यक्तिगत लाभ के उपयोग और विशेषाधिकारों पर बहस को जन्म दे सकता है।
Nation Press