हिमाचल में सत्ता परिवर्तन तय — जयराम ठाकुर का दावा, अगली सरकार BJP की होगी
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 1 अगस्त को शिमला में दावा किया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन अब तय है और अगला चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) जीतेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की बदहाली और विपक्षी आवाज़ों को दबाने के गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य आरोप और दावे
ठाकुर ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को सेवा का अवसर दिया था, लेकिन सेवा तो दूर, आज हर विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उनके अनुसार, सरकार में न केवल नेता बल्कि अधिकारी भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, शिमला जैसे शहर में भी गोलीबारी की घटनाएँ सामने आ रही हैं और कई मामलों में नृशंस तरीके से हत्याएँ हुई हैं।
सुक्खू की कार्यशैली पर निशाना
ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से कांग्रेस के भीतर भी असंतोष गहरा रहा है। उनके अनुसार, पार्टी हाईकमान ने इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है और यदि मुख्यमंत्री अपनी कार्यशैली नहीं बदलते, तो उन्हें बदला भी जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम सुक्खू को उनके भविष्य की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के भीतर बगावत की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने BJP को सत्ता से बाहर किया था और अब BJP एक बार फिर सत्ता में वापसी की तैयारी में है।
अधिकारियों को चेतावनी
ठाकुर ने उन अधिकारियों को भी सीधी चेतावनी दी जो, उनके अनुसार, अपनी मर्यादा से बाहर जाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को समझ लेना चाहिए कि इस सरकार का भविष्य अधिक लंबा नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी आपस में टकराव की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल
ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में मीडिया और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, सरकार के खिलाफ खबर प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों के विज्ञापन बंद कर दिए जाते हैं। सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल पूछने वाले नागरिकों के अकाउंट बंद करवाए जाते हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान करार दिया।
ठाकुर ने यह भी कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पूर्व विधायकों को मुख्यमंत्री द्वारा निशाना बनाना हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक परंपरा के अनुरूप नहीं है और भाजपा ऐसे हथकंडों से डरने वाली नहीं है। आने वाले समय में जनता का फैसला ही इस सरकार की असली परीक्षा होगी।