तमिलनाडु को लंदन में ₹15,300 करोड़ के निवेश समझौते, 10,000 से अधिक नौकरियों का वादा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के लंदन दौरे के दौरान राज्य को बड़ी निवेश सौगात मिली है। 14 सितंबर 2026 को लंदन में राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी 'गाइडेंस तमिलनाडु' और कई वैश्विक कंपनियों के बीच मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सुविधाओं की स्थापना को लेकर समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन समझौतों के तहत ₹15,300 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्य निवेश समझौते
45 से अधिक देशों में कारोबार करने वाली मल्टीनेशनल कंपनी समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड ने तमिलनाडु में डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ स्थापित करने का MoU किया। कंपनी यूके और यूरोप के जॉइंट वेंचर पार्टनर्स के साथ मिलकर लगभग ₹11,000 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे करीब 7,000 नौकरियाँ पैदा होने की संभावना है।
यूके की विल्सन पावर सॉल्यूशंस, जो हाई-एफिशिएंसी ट्रांसफॉर्मर निर्माण में विशेषज्ञ है, ने तिरुवल्लूर जिले में अपने मौजूदा प्लांट के विस्तार के लिए ₹300 करोड़ के निवेश का MoU किया। इससे 400 नई नौकरियाँ सृजित होंगी और राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षमता में भी वृद्धि होगी।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और GCC कॉरिडोर
GCC विस्तार को लेकर दो अलग MoU हुए। स्वीडन की सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप अपनी भारतीय इकाई श्रीजा सॉल्यूशंस के माध्यम से तिरुचिरापल्ली और चेन्नई में अपने केंद्रों का विस्तार करेगी, जिससे 600 हाई-वैल्यू नौकरियाँ मिलने का अनुमान है।
अर्न्स्ट एंड यंग ने एक अंतर्राष्ट्रीय कंपनी की ओर से ₹1,000 करोड़ के निवेश से चेन्नई के माउंट-पूनमल्ली रोड GCC कॉरिडोर में नया केंद्र स्थापित करने का MoU किया, जिसमें 2,000 से अधिक नौकरियाँ बनने का लक्ष्य है। गौरतलब है कि चेन्नई का यह GCC कॉरिडोर पहले से ही वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों की पसंदीदा गंतव्यों में शुमार हो रहा है।
ऑटोमोटिव सेक्टर में बड़ा दांव
एक प्रमुख यूरोपीय ऑटोमोटिव कंपोनेंट कंपनी ने भारत में अपना पहला प्लांट तमिलनाडु में स्थापित करने के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश का लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा। यह इस बात का प्रमाण है कि तमिलनाडु ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक मानचित्र पर और मज़बूती से उभर रहा है।
इसी दौरान हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने अगस्त 2026 में हुए 'वीईटीटीआरआई' इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंस में हस्ताक्षरित ₹2,500 करोड़ के MoU की प्रगति का ब्यौरा दिया और विंड पावर सेक्टर में और अधिक निवेश बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और CETA का संदर्भ
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि ये निवेश तमिलनाडु के युवाओं की उम्मीदों को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूके-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के बाद राज्य के लिए नए व्यापार और निवेश के बड़े अवसर खुलेंगे। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत और यूके के बीच CETA को लेकर बातचीत अहम मोड़ पर है।
आगे की राह
इन समझौतों का वास्तविक प्रभाव तब सामने आएगा जब MoU से वास्तविक ज़मीनी निवेश की राह बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु का इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल कार्यबल और नीतिगत स्थिरता राज्य को इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से मूर्त रूप देने में सहायक होगी। राज्य सरकार के लिए अगला कदम इन MoU को त्वरित स्वीकृतियों और भूमि आवंटन में बदलना होगा।