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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर किरेन रिरिजू का मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर किरेन रिरिजू का मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिरिजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की अपील की। इस पत्र में उन्होंने महिलाओं के लिए आरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करता है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिरिजू ने पत्र के माध्यम से इसकी आवश्यकता पर जोर दिया।
पत्र में मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित किया गया है।
महिलाओं के लिए न्याय के लिए कार्यान्वयन में देरी चिंता का विषय है।
यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिरिजू ने रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक पत्र लिखा। इस पत्र को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

किरेन रिरिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश की महिलाओं से किए गए वादे किसी भी प्रकार की टालमटोल का हिस्सा नहीं बन सकते। आज, जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने का समय आया है, तो इससे जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं पूरी विनम्रता के साथ इस बात से असहमत हूं।

उन्होंने कहा कि मैंने खड़गे को पत्र लिखा है, जिसमें मैंने तथ्यों को प्रस्तुत किया है और आगे बढ़ने की तत्काल आवश्यकता को दोहराया है। वर्षों से, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल एक वादा बना रहा है, लेकिन इस सरकार ने इसे हकीकत में बदला है। अब, परिसीमन से जुड़े आवश्यक संशोधन इसलिए महत्वपूर्ण हैं ताकि हमारी नारी शक्ति को 2029 से पहले उचित प्रतिनिधित्व मिले, न कि उन्हें और अधिक अनिश्चितता में धकेला जाए।

किरेन रिरिजू ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से विभिन्न पार्टियों के नेताओं से संपर्क किया है और उनसे पत्रों के माध्यम से बातचीत की है। यह बातचीत जारी है, लेकिन किसी न किसी मोड़ पर इरादों को क्रियान्वित करना आवश्यक है। प्रक्रिया के नाम पर इसे लागू करने में देरी, लाखों महिलाओं को न्याय देने में देरी करने के समान है।

उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं है, बल्कि भारत की बेटियों से किए गए वादे को निभाना है। आइए, हम इस हिचकिचाहट से ऊपर उठें और नारी शक्ति के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

किरेन रिरिजू ने पत्र में उल्लेख किया है कि मैंने 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री को संबोधित आपके पत्र को देखा है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन का उल्लेख है। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में, मैं आपके द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता हूं।

जब 2023 में संसद के दोनों सदनों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया, तो यह एक लंबे समय से संजोई गई राष्ट्रीय आकांक्षा का परिणाम था। इसे जल्द से जल्द लागू करने की आवश्यकता थी। यदि हम अभी बिल पर काम नहीं करेंगे, तो यह संभव है कि 2029 के चुनावों तक महिलाओं के लिए आरक्षण लागू न हो पाए। क्या हमें इसके कार्यान्वयन में देरी होने देनी चाहिए या इसे शीघ्रता से लागू करने के लिए प्रयास करना चाहिए? इसलिए, आवश्यक संशोधनों के साथ आगे बढ़ने का यह उचित समय है।

परामर्श के मुद्दे पर, मैं विनम्रता के साथ इस सुझाव से असहमत हूं कि सरकार ने विपक्ष के साथ कोई संवाद नहीं किया है। मैंने 16 मार्च को विस्तृत चर्चा हेतु समय मांगते हुए आपको पत्र लिखा था। हाल ही में बजट सत्र के दौरान मैंने इस मुद्दे पर आपकी और राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश के साथ चर्चा की।

26 मार्च को मैंने आपको उत्तर दिया था कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन में देरी हमारे लक्ष्य में बाधा डालती है। इस ऐतिहासिक क्षण में सभी को साथ लेकर चलने की भावना से, हम सभी वर्गों के साथ आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

महिलाओं के लिए आरक्षण का मुद्दा लगभग तीन दशकों से चर्चा में है। इसमें और अधिक देरी का मतलब होगा कि हमारे देश की निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं को उनका उचित स्थान नहीं मिलेगा।

मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस ऐतिहासिक कानून के पारित होने में अपना समर्थन दें। यह कानून पूरे देश में लाखों महिलाओं को सशक्त करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के लिए राजनीतिक आरक्षण प्रदान करता है, जिससे उन्हें संसद और विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।
किरेन रिरिजू ने किसे पत्र लिखा?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिरिजू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा।
पत्र में क्या मुद्दा उठाया गया?
पत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की तत्काल आवश्यकता और इसके कार्यान्वयन में देरी पर चिंता व्यक्त की गई।
इस अधिनियम का महत्व क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।
क्या इस पत्र ने राजनीतिक संवाद को प्रभावित किया?
हां, इस पत्र ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में राजनीतिक संवाद को प्रभावित किया।
राष्ट्र प्रेस
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