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आशा भोसले का संघर्ष: लता मंगेशकर की छोटी बहन होने की चुनौतियाँ और गर्व

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आशा भोसले का संघर्ष: लता मंगेशकर की छोटी बहन होने की चुनौतियाँ और गर्व

सारांश

आशा भोसले ने लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने संघर्ष और पहचान की लंबी यात्रा के बारे में बात की है। जानें कैसे इस रिश्ते ने उनके करियर को प्रभावित किया।

मुख्य बातें

आशा भोसले का संघर्ष: लता मंगेशकर की बहन होने के नाते पहचान बनाना कठिन रहा।
उन्होंने अपने अनुभव को गर्व और आदर के साथ साझा किया।
भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती ने उन्हें हमेशा एक-दूसरे का सहारा दिया।
आशा को बोल्ड गाने ना मिलने की नाराजगी थी, लेकिन उन्होंने अपने करियर में आगे बढ़ने की कोशिश की।

मुंबई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जब भी भारतीय सिनेमा में संगीत की नई ऊंचाइयों की बात होगी, आशा भोसले का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा।

आशा भोसले और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को अनगिनत अमर गीत प्रदान किए हैं और भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। इन बहनों के बीच की गहरी आत्मीयता सभी के लिए स्पष्ट थी। फिर भी, एक समय ऐसा आया जब आशा भोसले ने स्वीकार किया कि यदि वे लता जी की छोटी बहन नहीं होतीं, तो उन्हें गायन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए इतनी लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।

आशा भोसले ने हमेशा लता मंगेशकर को अपनी 'पसंदीदा गायिका' मानते हुए, अपनी छोटी बहन होने पर गर्व किया। उन्होंने कभी भी लता के साथ प्रतिद्वंद्विता की बातों को गंभीरता से नहीं लिया और हमेशा कहा कि "खून पानी से अधिक गाढ़ा होता है।"

हिंदी सिनेमा में दोनों बहनों के बीच फूट डालने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन उनके प्यार के बीच कोई भी नहीं आ सका। जीवन के अंतिम क्षणों तक दोनों ने एक-दूसरे का साथ निभाया। हालांकि, करियर की शुरुआत में उन्हें हमेशा यही महसूस हुआ कि अगर वे लता मंगेशकर की बहन नहीं होतीं तो जल्दी सफलता प्राप्त कर लेतीं।

अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए, गायक ने अपने मन के मलाल को शब्दों में व्यक्त किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "अगर मैं लता मंगेशकर की बहन न होती, और अगर मैं बांग्लादेश, पाकिस्तान या नेपाल से होती, तो लोग मुझे कभी यह नहीं कहते कि कौन ऊंचा और कौन नीचा। सब हमें समान मानते। परंतु एक ही घर से होने के कारण, मुझे हमेशा 'छोटी' ही रखा गया। मैं उनकी छोटी बहन बनकर खुश हूं।"

बहुत कम लोग जानते हैं कि आशा को इस बात से भी नाराजगी थी कि उन्हें बोल्ड गाने नहीं मिलते थे जबकि लता को हमेशा अच्छे और साफ-सुथरे गाने मिलते थे। उन्होंने इस विषय पर अपनी बहन लता से भी चर्चा की थी, लेकिन उस समय आरडी बर्मन ने उनसे वादा किया था कि जिस गाने को वह गाने वाली हैं, वह सुपरहिट होगा। वह गाना था 'पिया तू अब तो आजा'। इसी वादे पर उन्होंने गाना रिकॉर्ड करने के लिए सहमति दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने अपने संघर्ष और पहचान की चुनौतियों का उल्लेख किया है। यह एक प्रेरणादायक कहानी है जो संगीत के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा को दर्शाती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशा भोसले ने अपने करियर में किस तरह की चुनौतियों का सामना किया?
आशा भोसले ने लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के नाते पहचान बनाने में कई चुनौतियों का सामना किया।
क्या आशा भोसले ने कभी लता मंगेशकर के साथ प्रतिस्पर्धा की?
नहीं, आशा भोसले ने कभी भी लता मंगेशकर के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं की और उन्हें हमेशा अपनी पसंदीदा गायिका बताया।
राष्ट्र प्रेस
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