29 अगस्त 2026
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नेपाल के रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग से 4 भारतीय नागरिक बचाए गए, 287 अभी भी लापता

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नेपाल के रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग से 4 भारतीय नागरिक बचाए गए, 287 अभी भी लापता

सारांश

नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर सुरंग से 4 भारतीय नागरिक बचाए गए, लेकिन 287 अभी भी लापता हैं। भारत ने विशेष टनल रेस्क्यू टीम और 6 फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल भेजे हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने बचाव अभियान को चुनौतीपूर्ण बनाया हुआ है।

मुख्य बातें

नेपाल के रसुवा जिले में त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर सुरंग से 29 अगस्त को 4 भारतीय नागरिक — रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिनहाजुद्दीन — सुरक्षित बचाए गए।
29 अगस्त शाम 5 बजे तक नेपाल में कुल 88 भारतीय नागरिक बचाए जा चुके हैं; 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग लापता हैं।
नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के 82 कर्मी बचाव अभियान में लगे हैं।
भारत ने विशेष टनल रेस्क्यू टीम और 6 फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल भेजे हैं।
शनिवार को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में दाखिल हुए।

नेपाल के रसुवा जिले में स्थित त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 29 अगस्त 2026 को चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार शाम जारी अपडेट में बताया कि बचाए गए चारों नागरिकों के शीघ्र काठमांडू पहुँचने की उम्मीद है। 29 अगस्त शाम 5 बजे तक नेपाल में कुल 88 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 287 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।

बचाए गए नागरिकों की पहचान

बचाए गए चारों भारतीय नागरिकों की पहचान रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिनहाजुद्दीन के रूप में हुई है। विदेश मंत्रालय ने इन्हें सुरक्षित निकाले जाने की पुष्टि की और बताया कि ये काठमांडू के रास्ते में हैं।

बचाव अभियान की स्थिति

रसुवा स्थित हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए पिछले दो दिनों से बड़े पैमाने पर अभियान जारी है। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 82 कर्मी सुरंग के प्रवेश द्वार से मलबा हटाकर भीतर पहुँचने में जुटे हैं। यह ऐसे समय हो रहा है जब नेपाल में लगातार खराब मौसम, बाढ़ और भूस्खलन ने राहत एवं बचाव कार्यों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

भारत की तकनीकी सहायता

भारत ने इस अभियान में तकनीकी सहयोग तेज़ कर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरंग बचाव के लिए एक विशेष तकनीकी टीम गुरुवार को काठमांडू पहुँची थी और शुक्रवार से प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू कर चुकी है। इस टीम की सिफारिशों के आधार पर उपकरणों से लैस एक और विशेष टनल रेस्क्यू टीम के शनिवार को नेपाल पहुँचने की उम्मीद जताई गई है।

इसके अतिरिक्त, बाढ़ और आपदा में बरामद शवों की पहचान के लिए भारत से 6 फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी काठमांडू पहुँचने वाली है। यह टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण के ज़रिए नेपाली अधिकारियों की सहायता करेगी।

लापता भारतीयों की संख्या और ताज़ा आँकड़े

विदेश मंत्रालय के अनुसार 29 अगस्त शाम 5 बजे तक नेपाल में 88 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं, 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं। इसके अलावा, 120 भारतीय नागरिक शनिवार को चीन से नेपाल में दाखिल हुए।

आगे की राह

भारत और नेपाल की एजेंसियाँ बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक पहुँचने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए समन्वित प्रयास जारी रखे हुए हैं। गौरतलब है कि नेपाल में मानसून की बाढ़ और भूस्खलन के कारण यह संकट और गहरा होता जा रहा है, और आने वाले दिनों में बचाव अभियान की गति तथा मौसम की स्थिति निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 287 लापता भारतीयों की संख्या यह स्पष्ट करती है कि यह संकट अभी टला नहीं है। भारत का त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप — टनल रेस्क्यू टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों की तैनाती — पड़ोसी देश में आपदा कूटनीति की परिपक्वता दर्शाता है। हालाँकि, नेपाल में बड़े पैमाने पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और पंजीकरण की व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है — आपदा के बाद 'लापता' की इतनी बड़ी संख्या यह बताती है कि पूर्व-तैयारी और ट्रैकिंग तंत्र में अभी भी गंभीर खामियाँ हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से कितने भारतीय नागरिक बचाए गए?
29 अगस्त 2026 को रसुवा जिले के त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से 4 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। शाम 5 बजे तक नेपाल में कुल 88 भारतीय नागरिक बचाए जा चुके थे।
नेपाल में कितने भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 29 अगस्त शाम 5 बजे तक 287 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग नेपाल में लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
भारत ने नेपाल बचाव अभियान में क्या सहायता दी है?
भारत ने एक विशेष टनल रेस्क्यू तकनीकी टीम गुरुवार को काठमांडू भेजी, जो शुक्रवार से काम कर रही है। इसके अलावा उपकरणों से लैस एक और टनल रेस्क्यू टीम और 6 फोरेंसिक विशेषज्ञ भी नेपाल भेजे जा रहे हैं।
त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में क्या हुआ?
नेपाल के रसुवा जिले में स्थित त्रिशूली-3 'ए' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई लोग फंस गए। नेपाली सेना और सुरक्षा बलों के 82 कर्मी मलबा हटाकर सुरंग तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं।
नेपाल से चीन के रास्ते कितने भारतीय नागरिक आए?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 29 अगस्त को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में दाखिल हुए। यह उन भारतीयों का हिस्सा है जो नेपाल में आई आपदा के बाद वैकल्पिक मार्गों से लौट रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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