गोपालगंज सेप्टिक टैंक हादसा: जहरीली गैस से चार प्रवासी मजदूरों की मौत, एक गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गोपालगंज जिले के सवन्ही पट्टी गांव में 29 अगस्त 2026 (शनिवार) को एक सेप्टिक टैंक के भीतर जहरीली गैसों की चपेट में आने से चार प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना श्रीपुर और गोपालपुर पुलिस थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में हुई। बचाव प्रयास में टैंक में उतरा एक पाँचवाँ व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
रेशमा खातून नाम की एक महिला अपने पति की मृत्यु के बाद पिता द्वारा उपहार में दी गई जमीन पर मकान बना रही थीं। निर्माण स्थल पर बना सेप्टिक टैंक पानी से भरा हुआ था। श्रमिक जावेद आलम उर्फ टीपू आलम और शब्बे आलम निर्माण के दौरान उपयोग की गई सेंटरिंग हटाने के लिए सबसे पहले टैंक में उतरे। कुछ ही पलों में दोनों जहरीले धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए।
उनकी मदद की पुकार सुनकर बंटी उर्फ राकेश और उमेश यादव बचाव के लिए टैंक में उतरे, लेकिन वे भी गैसों की चपेट में आ गए। इसके बाद सेराज खान ने बाकी लोगों को बचाने की कोशिश में टैंक में प्रवेश किया और वे भी बेहोश हो गए।
बचाव और अस्पताल
मौके पर पहुँचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सभी पाँचों को टैंक से बाहर निकाला और गोपालगंज सदर अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने बंटी उर्फ राकेश, जावेद आलम उर्फ टीपू आलम, उमेश यादव और शब्बे आलम को मृत घोषित कर दिया। सेराज खान गंभीर हालत में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
श्रीपुर, फुलवरिया और कुचैकोट पुलिस स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार घटना के सटीक कारणों की जाँच की जा रही है।
आम जनता पर असर
इस दर्दनाक हादसे से सवन्ही पट्टी गांव में शोक की लहर है। मृतकों के परिवार सदमे में हैं। गौरतलब है कि सेप्टिक टैंक और मैनहोल में जहरीली गैसों से होने वाली मौतें भारत में बार-बार सामने आती हैं, जो सफाई और निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपकरणों की घोर अनदेखी को उजागर करती हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब प्रवासी मजदूरों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर देशभर में चिंताएँ गहरी हो रही हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होने की उम्मीद है। प्रशासन से यह भी जाँच अपेक्षित है कि निर्माण स्थल पर श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।