सुरेश खन्ना का अखिलेश यादव पर पलटवार: 'सपा शासन में माफिया राज था, BJP ने बदली UP की तस्वीर'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 29 अगस्त को शाहजहाँपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया। खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा सरकार की आलोचना करने से पहले अपने मुख्यमंत्रित्व काल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश की जनता अब सपा प्रमुख के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेती।
सपा शासन पर निशाना
खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में माफिया, आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे और प्रदेश में अराजकता का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 'रूल ऑफ लॉ' को मजबूत करके उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है। खन्ना के अनुसार, विकास का पहिया भी तेज़ी से आगे बढ़ा है और सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर बिना भेदभाव के काम किया है।
जेपीएनआईसी परियोजना पर आरोप-प्रत्यारोप
जेपीएनआईसी परियोजना को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर खन्ना ने कहा कि इस मामले में पूर्व सरकार को प्रदेश की जनता से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह परियोजना करीब ₹100-200 करोड़ की थी, लेकिन बाद में इसकी लागत बढ़कर ₹800 करोड़ से अधिक हो गई। खन्ना ने परियोजना में बड़े पैमाने पर धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अखिलेश यादव को स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए।
महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख
योगी सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का ज़िक्र करते हुए खन्ना ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भी उल्लेख किया, जिनके ज़रिए बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक सहायता देने का प्रयास किया गया है।
'पीडीए' फॉर्मूले पर तंज
अखिलेश यादव के 'पीडीए' फॉर्मूले पर तंज कसते हुए खन्ना ने कहा कि कभी इसमें 'पी' का अर्थ पिछड़ा बताया जाता है और कभी उसे पंडित के रूप में बदल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बार-बार फॉर्मूला बदलना जनता के बीच विश्वसनीयता का सवाल खड़ा करता है। खन्ना ने सवाल किया कि जो व्यक्ति अपने राजनीतिक नारे का अर्थ बदल चुका है, जनता उसके अन्य आरोपों को गंभीरता से क्यों ले।
चुनावी दावे और आगे की राह
अखिलेश यादव के इस दावे पर कि इस बार कमल नहीं खिलेगा, खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष चाहे जितने सपने देख ले, भाजपा का कमल खिलकर रहेगा। उन्होंने महँगाई और कंपनियों से फंडिंग के आरोपों को भी खारिज किया। खन्ना ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था और विकास के अपने रिकॉर्ड के आधार पर आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी।