29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुरेश खन्ना का अखिलेश यादव पर पलटवार: 'सपा शासन में माफिया राज था, BJP ने बदली UP की तस्वीर'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुरेश खन्ना का अखिलेश यादव पर पलटवार: 'सपा शासन में माफिया राज था, BJP ने बदली UP की तस्वीर'

सारांश

शाहजहाँपुर में मंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए सपा शासनकाल को माफिया राज बताया, JPNIC परियोजना में ₹800 करोड़ से अधिक की लागत पर सवाल उठाए और 'पीडीए' फॉर्मूले की विश्वसनीयता को चुनौती दी।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 29 अगस्त को शाहजहाँपुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया।
खन्ना ने दावा किया कि सपा शासन में माफिया और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे; योगी सरकार ने 'रूल ऑफ लॉ' बहाल किया।
जेपीएनआईसी परियोजना की लागत कथित तौर पर ₹100-200 करोड़ से बढ़कर ₹800 करोड़ से अधिक हो गई; खन्ना ने पूर्व सरकार से माफी माँगने की माँग की।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा, कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को भाजपा की उपलब्धि बताया।
अखिलेश के 'पीडीए' फॉर्मूले में 'पी' का अर्थ बदलते रहने पर खन्ना ने विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 29 अगस्त को शाहजहाँपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया। खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव को भाजपा सरकार की आलोचना करने से पहले अपने मुख्यमंत्रित्व काल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश की जनता अब सपा प्रमुख के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेती।

सपा शासन पर निशाना

खन्ना ने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में माफिया, आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे और प्रदेश में अराजकता का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 'रूल ऑफ लॉ' को मजबूत करके उत्तर प्रदेश की छवि देश और दुनिया में बदली है। खन्ना के अनुसार, विकास का पहिया भी तेज़ी से आगे बढ़ा है और सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर बिना भेदभाव के काम किया है।

जेपीएनआईसी परियोजना पर आरोप-प्रत्यारोप

जेपीएनआईसी परियोजना को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर खन्ना ने कहा कि इस मामले में पूर्व सरकार को प्रदेश की जनता से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह परियोजना करीब ₹100-200 करोड़ की थी, लेकिन बाद में इसकी लागत बढ़कर ₹800 करोड़ से अधिक हो गई। खन्ना ने परियोजना में बड़े पैमाने पर धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अखिलेश यादव को स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए।

महिला कल्याण योजनाओं का उल्लेख

योगी सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का ज़िक्र करते हुए खन्ना ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भी उल्लेख किया, जिनके ज़रिए बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक सहायता देने का प्रयास किया गया है।

'पीडीए' फॉर्मूले पर तंज

अखिलेश यादव के 'पीडीए' फॉर्मूले पर तंज कसते हुए खन्ना ने कहा कि कभी इसमें 'पी' का अर्थ पिछड़ा बताया जाता है और कभी उसे पंडित के रूप में बदल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बार-बार फॉर्मूला बदलना जनता के बीच विश्वसनीयता का सवाल खड़ा करता है। खन्ना ने सवाल किया कि जो व्यक्ति अपने राजनीतिक नारे का अर्थ बदल चुका है, जनता उसके अन्य आरोपों को गंभीरता से क्यों ले।

चुनावी दावे और आगे की राह

अखिलेश यादव के इस दावे पर कि इस बार कमल नहीं खिलेगा, खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष चाहे जितने सपने देख ले, भाजपा का कमल खिलकर रहेगा। उन्होंने महँगाई और कंपनियों से फंडिंग के आरोपों को भी खारिज किया। खन्ना ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था और विकास के अपने रिकॉर्ड के आधार पर आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन JPNIC परियोजना की लागत में कथित वृद्धि — ₹100-200 करोड़ से ₹800 करोड़ से अधिक — एक ठोस आरोप है जिसके लिए स्वतंत्र जाँच की माँग उठनी चाहिए। 'पीडीए' फॉर्मूले पर तंज राजनीतिक रूप से तीखा है, पर असली सवाल यह है कि भाजपा अपने शासन के दस वर्षों में महँगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर क्या जवाब देती है। आरोप-प्रत्यारोप की यह राजनीति उत्तर प्रदेश की जनता को ठोस नीतिगत बहस से दूर रखती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश खन्ना ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
खन्ना ने कहा कि सपा शासनकाल में माफिया और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद थे और कानून-व्यवस्था चरमराई हुई थी। उन्होंने अखिलेश यादव से भाजपा की आलोचना करने से पहले अपने कार्यकाल का आत्ममंथन करने की माँग की।
जेपीएनआईसी परियोजना विवाद क्या है?
खन्ना के अनुसार, जेपीएनआईसी परियोजना की लागत शुरुआत में करीब ₹100-200 करोड़ थी, जो बाद में कथित तौर पर ₹800 करोड़ से अधिक हो गई। उन्होंने पूर्व सरकार पर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए माफी माँगने की माँग की।
अखिलेश यादव के 'पीडीए' फॉर्मूले पर खन्ना की क्या आपत्ति है?
खन्ना ने कहा कि 'पीडीए' में 'पी' का अर्थ कभी पिछड़ा बताया जाता है और कभी पंडित — यह बार-बार बदलता फॉर्मूला जनता के बीच विश्वसनीयता का संकट पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे नेता के अन्य आरोपों को भी गंभीरता से नहीं लेती।
योगी सरकार की कौन-सी महिला योजनाओं का खन्ना ने उल्लेख किया?
खन्ना ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा, कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के ज़रिए बेटियों के जन्म से लेकर विवाह तक सहायता दी जा रही है।
आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा की रणनीति क्या होगी?
खन्ना के अनुसार, भाजपा कानून-व्यवस्था और विकास के अपने रिकॉर्ड के आधार पर चुनाव में जाएगी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के दावों के बावजूद भाजपा का कमल खिलकर रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले