अखिलेश यादव का BJP पर हमला: ₹4,700 करोड़ के एक्सप्रेस-वे में भ्रष्टाचार, जनता माफ नहीं करेगी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 1 अगस्त 2026 को लखनऊ में जारी बयान में उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार और चुनावी वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विकास परियोजनाओं से लेकर सरकारी योजनाओं तक हर स्तर पर कमीशनखोरी हावी है और जनता अब BJP को माफ करने के मूड में नहीं है।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं में अनियमितता के आरोप
अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का विशेष उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि लगभग ₹4,700 करोड़ की लागत से निर्मित इस परियोजना में उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क धंसने और डामर उखड़ने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली थी।
सपा अध्यक्ष ने बटेश्वर कॉरिडोर के निर्माण कार्य में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि डिज़ाइन संबंधी खामियों और निर्माण गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जल जीवन मिशन पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने जल जीवन मिशन में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, कहीं सड़कें टूट रही हैं तो कहीं पानी की टंकियाँ गिर रही हैं — और इन सबके पीछे कमीशनखोरी की संस्कृति ज़िम्मेदार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को धमकियाँ दी जाती हैं।
वादाखिलाफी पर तीखा प्रहार
एक अन्य बयान में सपा अध्यक्ष ने BJP पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब BJP के किसी भी दावे पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि BJP जनता से माफी भी माँगे तो लोग उसे स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि पार्टी ने अपने वादों पर अमल नहीं किया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों पर माफी माँगने का दबाव बनाना और बयान बदलवाने की कोशिश BJP की पुरानी राजनीतिक शैली का हिस्सा है।
आम जनता पर असर और BJP का 'अहंकार'
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि ऐसी राजनीति से जनता में BJP के प्रति नाराज़गी और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार, अंततः BJP का बढ़ता अहंकार ही उसकी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती और पतन का कारण बनेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच तेज़ होती जा रही हैं।