प्रयागराज जलभराव पर अखिलेश यादव का तंज: 'भाजपा राज में सड़कें नदी बन गईं, ₹1 लाख करोड़ का गोरखधंधा'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 17 अगस्त 2026 को प्रयागराज के जार्ज टाउन इलाके में बारिश के बाद हुए भीषण जलभराव को लेकर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए शहर की जल-निकासी व्यवस्था, कथित भ्रष्टाचार और विकास के सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
क्या बोले अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि इतिहास में पढ़ाया जाता है कि नदियों के किनारे शहर और सभ्यताएँ विकसित हुईं, लेकिन भाजपा राज में यह तस्वीर उलट गई है — अब उत्तर प्रदेश के शहरों की सड़कें ही नदी बनती दिख रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण शहर नहीं, बल्कि यह मुद्दा है।
सपा प्रमुख ने जार्ज टाउन को स्मार्ट सिटी प्रयागराज का 'सबसे सभ्रांत इलाका' बताते हुए दावा किया कि वहाँ का स्थानीय थाना भी पानी में डूबा हुआ है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा, "देश की जनता पूछ रही है कि यह इलाका भाजपा के उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक के अंतर्गत आता है। अब जनता पूछ रही है कि क्या ये क्षेत्र बहकर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में चला गया है? चारों ओर हालात ऐसे ही हैं, इसी वजह से भ्रम की स्थिति है।"
₹1 लाख करोड़ के गोरखधंधे का आरोप
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि कथित तौर पर भाजपा राज में प्रयागराज के विकास के नाम पर ₹1 लाख करोड़ रुपये का गोरखधंधा हुआ है। यह गंभीर आरोप उन्होंने बिना सरकारी आँकड़ों या जाँच एजेंसी के हवाले के लगाया है, इसलिए इसे कथित तौर पर ही माना जाना चाहिए। भाजपा सरकार की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
जलभराव की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब प्रयागराज को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए गए हैं। गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 की मेजबानी के बाद प्रयागराज शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनी है और सरकार ने शहर के कायाकल्प के दावे किए थे। ऐसे में बरसात के बाद प्रमुख इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सरकार के लिए असहज सवाल खड़े करती हैं।
आलोचकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के बावजूद शहरों में जल-निकासी की बुनियादी समस्या हल नहीं हुई। वहीं, सत्तारूढ़ दल का तर्क रहा है कि अभूतपूर्व बारिश किसी भी शहर की व्यवस्था को चुनौती दे सकती है।
राजनीतिक संदर्भ
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पहले से शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल शहरी बुनियादी ढाँचे की विफलताओं को मुद्दा बनाने में जुटे हैं। अखिलेश यादव का यह हमला उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जार्ज टाउन क्षेत्र भाजपा के उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जो इस विवाद को सीधे स्थानीय जनप्रतिनिधित्व से जोड़ता है।
आगे क्या
सपा की ओर से यह मामला विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर उठाए जाने की संभावना है। जनता की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि भाजपा सरकार जल-निकासी सुधार और स्मार्ट सिटी कार्यों की प्रगति पर क्या जवाब देती है।