27 सितंबर 2026
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यूपी में जलभराव पर अखिलेश यादव का हमला: 'नाली से नाले तक जाम, भाजपाई भ्रष्टाचार जिम्मेदार'

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यूपी में जलभराव पर अखिलेश यादव का हमला: 'नाली से नाले तक जाम, भाजपाई भ्रष्टाचार जिम्मेदार'

सारांश

अखिलेश यादव ने यूपी के जलभराव को भाजपाई भ्रष्टाचार की उपज बताया — लखनऊ से प्रयागराज तक नाले जाम, नदियाँ गाद से बाधित। साथ ही सपा की ओर से नदियों को गहरा कर अविरल बनाने का वादा — जो 2027 चुनाव से पहले एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2026 को यूपी के शहरों में जलभराव के लिए भाजपाई भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया।
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज — चारों बड़े शहरों में जलनिकासी व्यवस्था विफल बताई।
सपा प्रमुख ने नदियों में गाद जमा होने और प्रदूषण को नदी प्रवाह बाधित होने की वजह बताया।
सपा ने वादा किया कि सत्ता में आने पर नदियों की गाद हटाकर उन्हें गहरा किया जाएगा।
जलभराव से नदीय अर्थव्यवस्था पर निर्भर समुदायों और बीमारी फैलने का खतरा बताया गया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 27 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के शहरों में व्यापक जलभराव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संकट अत्यधिक वर्षा की नहीं, बल्कि जलनिकासी तंत्र की पूर्ण विफलता की देन है, जिसकी जड़ में भाजपाई भ्रष्टाचार है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में हालात बेहाल बताते हुए उन्होंने गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका भी जताई।

जलभराव की असली वजह क्या है

अखिलेश यादव ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि नाली से लेकर नाले तक गंदगी जमा होने के कारण जलनिकासी पूरी तरह बाधित है। उन्होंने कहा, 'शहरों में जलभराव का मुख्य कारण अधिक वर्षा नहीं बल्कि भाजपाई भ्रष्टाचार की वजह से जलनिकासी की व्यवस्था का फेल हो जाना है। नाली से लेकर नाले तक गंदगी से जाम हैं तो पानी निकलेगा कहां से।' यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में मॉनसून की बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गई हैं।

नदियों के प्रदूषण और गाद पर चिंता

सपा प्रमुख ने नदियों की बिगड़ती सेहत पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, विभिन्न प्रकार के प्रदूषण और नालों का नदियों में सीधे गिरना नदियों के प्राकृतिक बहाव को बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा, 'बंधा बनाकर उफनती नदी के पानी को रोकना कोई कारगर उपाय नहीं है।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ — गंगा, गोमती, सरयू — लंबे समय से गाद और प्रदूषण की समस्या से जूझ रही हैं।

सपा की भविष्य की योजना

अखिलेश यादव ने वादा किया कि यदि सपा सत्ता में आई तो नदियों से गाद हटाकर उन्हें गहरा करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम भविष्य में नदियों की गाद हटाकर उनको गहरा करने का काम करेंगे जिससे नदियां अविरल मतलब बिना किसी रुकावट के प्राकृतिक रूप से बह सकें और उनके अंदर के जीव-जंतु व इकोसिस्टम से नदियां स्वयं निर्मल हो सकें।' यह बयान सपा की चुनावी तैयारी का भी संकेत देता है।

आम जनता पर असर

सपा अध्यक्ष ने विशेष रूप से नदी के किनारे बसे और नदीय अर्थव्यवस्था पर आश्रित समुदायों की दुर्दशा का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन लोगों का जीवन 'बुरी तरह प्रभावित' हुआ है। जलभराव के कारण गंदे पानी के फैलाव से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसे लेकर उन्होंने सचेत किया।

भाजपा पर तंज और राजनीतिक संदेश

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर व्यंग्यात्मक तंज कसते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार की आंख का पानी भी बहकर जलराशि को बढ़ा रहा है।' उन्होंने एक नारे के रूप में कहा, 'भाजपा जाएगी, नदी जीवन पाएगी।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान सपा की उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का हिस्सा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर मॉनसून में यही चक्र दोहराया जाता है। लेकिन यह बयान 2027 चुनाव की पृष्ठभूमि में एक सुनियोजित राजनीतिक आख्यान भी है — 'भाजपा जाएगी, नदी जीवन पाएगी' जैसे नारे सीधे मतदाता को साधने की कोशिश हैं। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि नदी-गाद हटाने की माँग खुद सपा के शासनकाल में भी उतनी ही अनसुनी रही — इस ऐतिहासिक संदर्भ के बिना आरोप एकतरफा लगते हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने यूपी में जलभराव का कारण क्या बताया?
अखिलेश यादव ने यूपी के शहरों में जलभराव के लिए अत्यधिक वर्षा को नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में जलनिकासी व्यवस्था की विफलता और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नाली से लेकर नाले तक गंदगी से जाम हैं, इसलिए पानी का निकलना असंभव है।
किन शहरों में जलभराव की स्थिति खराब बताई गई?
सपा अध्यक्ष ने राजधानी लखनऊ के साथ ही स्मार्ट सिटी घोषित गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में हालात बेहाल होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सभी बड़े शहरों में जगह-जगह स्थिति खराब है।
सपा ने नदियों को लेकर क्या वादा किया है?
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सत्ता में आने पर नदियों की गाद हटाकर उन्हें गहरा करने का काम करेगी, ताकि नदियाँ बिना रुकावट के प्राकृतिक रूप से बह सकें और उनका पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) खुद उन्हें निर्मल बना सके।
जलभराव से किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है?
अखिलेश यादव के अनुसार नदी के किनारे बसे और नदीय अर्थव्यवस्था पर निर्भर लोगों का जीवन सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा जलभराव से गंदगी के कारण बीमारियाँ फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर क्या तंज कसा?
सपा प्रमुख ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'भाजपा सरकार की आंख का पानी भी बहकर जलराशि को बढ़ा रहा है।' उन्होंने एक राजनीतिक नारे के रूप में कहा — 'भाजपा जाएगी, नदी जीवन पाएगी।'
राष्ट्र प्रेस
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