22 जुलाई 2026
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जलभराव पर सीएम योगी का सख्त रुख: गोरखपुर में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

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जलभराव पर सीएम योगी का सख्त रुख: गोरखपुर में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

सारांश

सीएम योगी ने गोरखपुर में अधिकारियों को साफ संदेश दिया — जलभराव बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी। नाले-नालियों की सफाई, पंप संचालन, बाढ़ चौकियाँ और एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता तक — मानसून प्रबंधन की हर कड़ी को कसने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को गोरखपुर में अधिकारियों के साथ जलनिकासी एवं बाढ़ बचाव की समीक्षा बैठक की।
जलभराव की समस्या में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश।
राप्ती कॉम्प्लेक्स , गोरक्ष एंक्लेव , विजय चौराहा और धर्मशाला क्षेत्रों में हुए जलभराव की जानकारी ली गई।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक, नालों की नियमित सफाई और नगर निगम के सभी पंप पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश।
जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश।
आवारा कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर बनाने और बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाने के निर्देश।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को गोरखपुर के एनेक्सी भवन सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट कर दिया कि महानगर में जलभराव की समस्या किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जलनिकासी प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य निर्देश और चेतावनी

मुख्यमंत्री ने बैठक में दो टूक कहा, 'जो भी जरूरी तैयारी या व्यवस्थाएं करनी हैं, उन्हें सुनिश्चित किया जाए। कहीं भी और किसी भी दशा में जलभराव नहीं दिखना चाहिए।' उन्होंने निर्देश दिया कि बारिश के दौरान नगर निगम के सभी पंप पूरी क्षमता से संचालित किए जाएं और नाले-नालियों की बड़े पैमाने पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला क्षेत्रों में हुए जलभराव की जानकारी लेते हुए सीएम ने कहा कि नालों की सफाई के बाद उन्हें ढका जाए और अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। नाला निर्माण एवं मरम्मत के प्रस्ताव समय से लेकर समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक और स्वच्छता अभियान

मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए ताकि नाले चोक न हों। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रेरित किया जाए कि वे कूड़ा नालियों में न डालें। हर वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली प्लॉटों की सफाई के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं और कूड़ा निस्तारण सुव्यवस्थित तरीके से हो।

सीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाने और इसे नियमित कार्यों का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। स्वच्छता कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित छिड़काव एवं फॉगिंग कराने के भी निर्देश दिए गए। शासकीय भवनों में भी सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बाढ़ बचाव की तैयारियाँ

बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए नियमित गश्त हो और बाढ़ चौकियाँ सक्रिय रहें। बाढ़ राहत केंद्रों पर समुचित व्यवस्था बनाए रखने और बाढ़ प्रभावित गाँवों में बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कें क्षतिग्रस्त न रहने पाएं।

स्वास्थ्य और शहरी व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध रहे। उन्होंने बेसहारा गोवंश और आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने के लिए डॉग शेल्टर बनाने के निर्देश भी दिए।

इसके अलावा स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने, सभी स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त रखने और सीसीटीवी कैमरों को अद्यतन रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। यह समीक्षा बैठक मानसून सीजन में गोरखपुर की प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सीएम की बढ़ती सक्रियता का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि प्रशासन अकेले इस समस्या से नहीं निपट सकता। डॉग शेल्टर से लेकर एंटी स्नेक वेनम तक के निर्देश मानसून की व्यापक चुनौतियों को रेखांकित करते हैं, लेकिन इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी का तंत्र कितना मज़बूत है — यही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने गोरखपुर में जलभराव को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 जुलाई को गोरखपुर में समीक्षा बैठक कर स्पष्ट किया कि महानगर में किसी भी स्थिति में जलभराव बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने नाले-नालियों की नियमित सफाई, नगर निगम के सभी पंपों का पूरी क्षमता से संचालन और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
गोरखपुर के किन इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई?
राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला क्षेत्रों में जलभराव की समस्या की जानकारी सीएम को दी गई। इन क्षेत्रों में नालों की नियमित सफाई और उन्हें ढकने के निर्देश दिए गए।
बाढ़ बचाव के लिए क्या तैयारियाँ करने के निर्देश दिए गए?
सीएम ने तटबंधों की नियमित गश्त, बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और बाढ़ राहत केंद्रों पर उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित गाँवों में बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता और सड़कों को क्षतिग्रस्त न रहने देने का भी आदेश दिया गया।
स्वास्थ्य और शहरी व्यवस्था को लेकर क्या आदेश जारी हुए?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। इसके अलावा आवारा कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर बनाने, बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाने और सीसीटीवी कैमरे अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक और स्वच्छता अभियान पर क्या कहा सीएम ने?
सीएम योगी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए ताकि नाले चोक न हों। उन्होंने हर वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली प्लॉटों की सफाई के लिए टीमें बनाने और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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