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गोरखपुर में सीएम योगी का आह्वान: बरसात में स्वच्छता रखें, 'एक पेड़ मां के नाम' लगाएं

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गोरखपुर में सीएम योगी का आह्वान: बरसात में स्वच्छता रखें, 'एक पेड़ मां के नाम' लगाएं

सारांश

बरसात के मौसम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से दोहरा संदेश दिया — स्वच्छता से बीमारियाँ रोकें और 'एक पेड़ मां के नाम' से पर्यावरण बचाएं। नालों पर अतिक्रमण, कूड़ा फेंकने और सार्वजनिक भूमि के दुरुपयोग पर सीधी चेतावनी भी दी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई को गोरखपुर में बरसात के मौसम में स्वच्छता और पौधरोपण का आह्वान किया।
नालों पर अतिक्रमण न करने की सलाह दी — इससे जलनिकासी बाधित होती है और मच्छरजनित बीमारियाँ फैलती हैं।
नागरिकों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की अपील की।
गोरखपुर की जल-संपदा — रामगढ़ताल , चिलुआताल , राप्ती और गोर्रा नदी — के संरक्षण पर बल दिया।
रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर वर्षाजल बचाने की प्रेरणा दी।
विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव की जिम्मेदारी समाज को उठाने का आग्रह किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई को गोरखपुर में आमजन से अपील की कि वर्षा ऋतु में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और खाली पड़ी जगहों पर पौधरोपण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूड़े को सड़क या नाली में फेंकने से जलनिकासी बाधित होती है और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता है। शुद्ध पेयजल के उपयोग पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे विषाणुजनित रोगों से बचाव संभव होगा।

स्वच्छता और स्वास्थ्य पर मुख्य संदेश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नालों पर अतिक्रमण करने से जल-निकासी की व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे जलभराव और बीमारियों का संकट पैदा होता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सार्वजनिक भूमि पर कब्ज़ा न करें और आवागमन को बाधित न होने दें। उनके अनुसार सुगम यातायात ही आर्थिक विकास की बुनियाद है।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान

योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे खाली स्थानों पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधे अवश्य लगाएं और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पेड़ छाया, फल और ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

गोरखपुर की जल-संपदा और रेनवाटर हार्वेस्टिंग

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर को जल संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर रामगढ़ताल और चिलुआताल हैं, तो दूसरी ओर राप्ती और गोर्रा नदियाँ — ऐसा संयोजन दुर्लभ है। वर्षा जल के एक-एक बूंद को संरक्षित करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर इस प्राकृतिक संपदा का सदुपयोग किया जा सकता है।

विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक जिम्मेदारी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में अब विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए इसके रखरखाव की जिम्मेदारी समाज को भी उठानी होगी। उन्होंने कहा कि विकास केवल वर्तमान पीढ़ी को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी लाभान्वित करेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन-प्रतिनिधि

इस अवसर पर कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, BJP के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता एवं कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ हर साल बाढ़ और जलभराव की समस्या उभरती है, वहाँ अतिक्रमण-हटाओ और स्वच्छता-रखो का आह्वान तब तक अधूरा है जब तक प्रशासनिक तंत्र जमीन पर उतरकर नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं करता। 'एक पेड़ मां के नाम' एक भावनात्मक रूप से प्रभावी अभियान है, लेकिन पौधों की जीवित रहने की दर और दीर्घकालिक देखभाल के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं — यह पारदर्शिता की कमी है जिसे भरा जाना चाहिए।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने गोरखपुर में स्वच्छता को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 जुलाई को गोरखपुर में कहा कि बरसात के मौसम में कूड़ा सड़क या नाली में न फेंकें और नालों पर अतिक्रमण न करें। उन्होंने चेताया कि ऐसा करने से जलनिकासी बाधित होती है और मच्छरजनित बीमारियाँ फैलती हैं।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
'एक पेड़ मां के नाम' उत्तर प्रदेश सरकार का पौधरोपण अभियान है जिसमें नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि वे खाली स्थानों पर माँ के नाम पर एक पेड़ लगाएं और उसकी देखभाल करें। सीएम योगी ने इसे पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने का माध्यम बताया।
गोरखपुर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर सीएम योगी ने क्या कहा?
सीएम योगी ने वर्षाजल की एक-एक बूंद बचाने की अपील करते हुए कहा कि नागरिक छोटे-छोटे रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर पानी का संरक्षण कर सकते हैं। उन्होंने गोरखपुर को रामगढ़ताल, चिलुआताल, राप्ती और गोर्रा नदी जैसी जल-संपदा से समृद्ध बताया।
सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या चेतावनी दी?
मुख्यमंत्री योगी ने नागरिकों को सार्वजनिक जमीनों पर कब्ज़ा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आवागमन सुगम रहने से ही आर्थिक विकास संभव होगा और विकास के फल वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों को भी मिलेंगे।
बरसात में विषाणुजनित बीमारियों से बचाव के लिए सीएम योगी ने क्या सुझाए?
सीएम योगी ने शुद्ध पेयजल के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही विषाणुजनित रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। नालों की सफाई और कूड़े के उचित निपटान को उन्होंने बीमारी रोकने की पहली शर्त बताया।
राष्ट्र प्रेस
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