7 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: गोमती-गंगा सफाई के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला

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अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: गोमती-गंगा सफाई के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला

सारांश

अखिलेश यादव ने गोमती के सूखते हिस्सों और गंगा में गिरते गंदे नालों को सामने रखकर BJP पर सीधा वार किया — नदी सफाई के नाम पर हजारों करोड़ के दावे, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं बदला। 2027 चुनाव से पहले यह हमला सपा की पर्यावरण राजनीति की नई धुरी बनता दिख रहा है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 20 जून 2026 को भाजपा सरकार पर नदी सफाई में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया।
गोमती नदी के कई हिस्से सूख चुके हैं; गंदे नाले सीधे नदी में गिर रहे हैं — अखिलेश का दावा।
सपा सरकार के गोमती रिवर फ्रंट मॉडल को BJP सरकार ने नष्ट कर दिया — यादव का आरोप।
गंगा, यमुना और काली नदी भी प्रदूषण और उपेक्षा की शिकार बताई गई हैं।
2027 में सत्ता में आने पर नदी पुनर्जीवन का नया अभियान शुरू करने का सपा ने वादा किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 20 जून 2026 को उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि गोमती, गंगा और यमुना समेत प्रदेश की अधिकांश नदियाँ भ्रष्ट नीतियों और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन ज़मीनी हालात जस के तस हैं।

गोमती नदी की दुर्दशा

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ की जीवनरेखा मानी जाने वाली गोमती नदी धीरे-धीरे अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। उनके अनुसार, नदी के कई हिस्से सूख चुके हैं, अनेक स्थानों पर अवरोध उत्पन्न हो गए हैं और उसका प्राकृतिक प्रवाह बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि गंदे नालों का पानी सीधे गोमती में गिर रहा है, जो सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

सपा सरकार के मॉडल को नष्ट करने का आरोप

अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना के ज़रिये नदी पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण का एक सफल मॉडल तैयार किया था। इस परियोजना के तहत न केवल नदी की सफाई हुई थी, बल्कि शहर के गंदे नालों का पानी सीधे नदी में जाने से रोकने की भी व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, BJP सरकार ने उन सभी प्रयासों को नष्ट कर दिया और आज फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसे सपा ने सुधारा था।

गंगा सफाई पर सवाल

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार ने माँ गंगा की सफाई के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए और हजारों करोड़ रुपये खर्च होने की बातें कहीं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज भी अनेक शहरों में गंदे नालों का पानी सीधे गंगा में गिर रहा है। यमुना और काली नदी समेत अन्य जलधाराएँ भी प्रदूषण और उपेक्षा का सामना कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर नमामि गंगे जैसे कार्यक्रमों पर बड़े बजट का दावा किया जाता रहा है।

आम जनता और पर्यावरण पर असर

अखिलेश यादव ने कहा कि जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण की समस्याएँ भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण गंभीर रूप धारण कर चुकी हैं। इसका सीधा असर नदियों के किनारे रहने वाले लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। साथ ही, जलीय जीव-जंतुओं का जीवन भी संकट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि नदियों की सफाई के लिए आवंटित बजट खर्च हो गया, लेकिन नदियों की दशा नहीं सुधरी।

2027 चुनाव और सपा का वादा

अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को सत्ता से हटाकर भ्रष्टाचार का अंत करेगी। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर नदियों की सफाई और पुनर्जीवन का नया अभियान शुरू किया जाएगा। गोमती रिवर फ्रंट मॉडल के आधार पर अन्य नदियों को भी प्रदूषण मुक्त बनाया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और बेहतर पर्यावरण मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ा विरोधाभास भी है — गोमती रिवर फ्रंट परियोजना, जिसे वे मॉडल बता रहे हैं, अपने समय में भी लागत-अधिकता और पारदर्शिता को लेकर सवालों के घेरे में रही थी। नमामि गंगे कार्यक्रम की विफलताएँ वास्तविक और दस्तावेज़ीकृत हैं, किंतु नदी प्रदूषण की समस्या किसी एक सरकार की देन नहीं — यह दशकों की नीतिगत उपेक्षा का नतीजा है। असली सवाल यह है कि 2027 के वादों में वह जवाबदेही तंत्र कहाँ है जो यह सुनिश्चित करे कि बजट नदियों तक पहुँचे, न कि फिर कागज़ों तक सिमट जाए।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने नदी सफाई घोटाले को लेकर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गोमती, गंगा और यमुना की सफाई के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। उनके अनुसार आज भी गंदे नाले सीधे नदियों में गिर रहे हैं।
गोमती नदी की मौजूदा स्थिति क्या है?
अखिलेश यादव के अनुसार गोमती नदी के कई हिस्से सूख चुके हैं, अनेक स्थानों पर अवरोध उत्पन्न हो गए हैं और उसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित है। उन्होंने कहा कि शहर के गंदे नाले सीधे नदी में गिर रहे हैं।
सपा का गोमती रिवर फ्रंट मॉडल क्या था?
सपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई गोमती रिवर फ्रंट परियोजना नदी की सफाई, सौंदर्यीकरण और गंदे नालों को नदी में गिरने से रोकने की व्यवस्था पर केंद्रित थी। अखिलेश यादव का दावा है कि भाजपा सरकार ने इस मॉडल को नष्ट कर दिया।
नदी प्रदूषण का आम जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
अखिलेश यादव के अनुसार नदियों के किनारे रहने वाले लाखों लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और जलीय जीव-जंतुओं का अस्तित्व भी संकट में है। जल और वायु प्रदूषण दोनों गंभीर रूप धारण कर चुके हैं।
2027 चुनाव को लेकर सपा का नदियों पर क्या वादा है?
अखिलेश यादव ने वादा किया कि 2027 में सपा सरकार बनने पर गोमती रिवर फ्रंट मॉडल के आधार पर सभी प्रमुख नदियों की सफाई और पुनर्जीवन का नया अभियान शुरू किया जाएगा। लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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