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क्या अखिलेश यादव ने नदियों की सफाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा?

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क्या अखिलेश यादव ने नदियों की सफाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा?

सारांश

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने नदियों में प्रदूषण के मामलों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि प्रदेश के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से नदियों की स्थिति गंभीर हो गई है। जानें क्या है उनकी मांग और सरकार की जवाबदेही।

मुख्य बातें

नदियों का प्रदूषण: वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से नदियों की स्थिति गंभीर है।
कॉरिडोर विवाद: मथुरा-वृंदावन कॉरिडोर के नाम पर छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस: गुणवत्ता में कमी से यह एक्सप्रेस घटिया बन गया है।
भाजपा के आरोप: आस्था को व्यापार में बदलने का प्रयास हो रहा है।
सरकार की जवाबदेही: सरकार को नदियों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।

लखनऊ, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नदियों में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर एक बार फिर से सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि पूरे प्रदेश के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद कर दिए गए हैं, जिसके कारण नदियों का प्रदूषण दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।

अखिलेश यादव ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा कि यह बहुत चिंताजनक है कि नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में बहाया जा रहा है। बुंदेलखंड की नदियों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि हर जिले में सड़क किनारे और खेतों में टीले दिखाई दे रहे हैं। राजधानी के अकबर नगर के निवासियों को उजाड़ दिया गया है और उनकी बुनियादी आवश्यकताओं पर ध्यान नहीं दिया गया है। कई लोगों ने आत्महत्या कर ली है और कई बेरोजगार हो गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार नाले में रिवर फ्रंट बनाने की योजना बना रही है, जो कि नदियों पर आधारित है। सपा सरकार के समय वरुणा नदी पर रिवर फ्रंट का निर्माण हो रहा था, जिसे वर्तमान सरकार ने रोक दिया है। हमारी कोशिश थी कि वरुणा नदी में कोई भी गंदा पानी न जाए। यही स्थिति गोमती नदी के लिए भी लागू होती है। अगर शहर में कोई नदी है, तो उसमें नाले का पानी सीधे नहीं जाना चाहिए। तभी हम नदियों को साफ देख सकते हैं।

अखिलेश यादव ने मथुरा-वृंदावन कॉरिडोर पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता कभी भी सरकार को माफ नहीं करेगी जो कॉरिडोर के नाम पर लोगों को उजाड़ रही है। छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है जबकि बड़े कारोबारियों को लाभ मिल रहा है। भाजपा के आरएसएस समर्थक जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। पहले कम दाम पर जमीनें खरीदी जाती हैं और बाद में ऊंचे दाम पर बेची जाती हैं। भाजपा आस्था को व्यापार बना रही है।

आस्था के संदर्भ में बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि मथुरा की गलियां हमारी आस्था की गलियां हैं। उन्होंने कहा कि यदि सपा सरकार आती है, तो कावड़ियों के लिए कॉरिडोर बनाए जाएंगे और दुकानदारों को भी कोई कठिनाई नहीं होगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस का निर्माण गुणवत्ता में कमी के साथ किया गया है। सपा सरकार बनने पर कानपुर मेट्रो को उन्नाव तक और लखनऊ मेट्रो को बाराबंकी तक चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि नितिन गडकरी अच्छे मंत्री हैं, लेकिन यूपी सरकार के लोग उनसे कुछ मांग नहीं रहे हैं। चंबल एक्सप्रेस-वे अब तक नहीं बन सका, जबकि यह उन राज्यों से गुजरता है जहां भाजपा की सरकार है। भाजपा सरकार अटल जी के गांव में सड़क नहीं बनाना चाहती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे राजनीतिक रंग देने की बजाय समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है। एक संपूर्ण दृष्टिकोण आवश्यक है जो न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करे, बल्कि भविष्य में भी जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने सरकार पर कौन-सा आरोप लगाया है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सभी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद कर दिए गए हैं, जिससे नदियों में प्रदूषण बढ़ रहा है।
क्या सरकार नदियों की सफाई के लिए कोई कदम उठा रही है?
अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे नदियों की सफाई की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मथुरा-वृंदावन कॉरिडोर के बारे में अखिलेश यादव का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के नाम पर छोटे व्यापारियों को उजाड़ा जा रहा है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस का निर्माण कैसे है?
अखिलेश यादव ने कहा कि इसका निर्माण गुणवत्ता में कमी के साथ किया गया है।
भाजपा पर अखिलेश यादव ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वे आस्था को व्यापार बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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