अखिलेश यादव का आरोप: यूपी सरकार ने राजनीतिक दिखावे पर सबसे अधिक पैसा बर्बाद किया
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने 12 अगस्त को संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दिखावे पर सर्वाधिक धन खर्च किया है, जबकि ₹4,000 करोड़ से अधिक की लागत से बना एक एक्सप्रेसवे उद्घाटन के तुरंत बाद ही जर्जर हालत में आ गया। सपा के अन्य सांसदों ने भी इसी मौके पर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर संसद का सत्र बाधित करने का आरोप लगाया।
एक्सप्रेसवे पर गड्ढे: अखिलेश का सीधा हमला
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बने एक एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे होने की खबरों का हवाला देते हुए कहा, 'आप भी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश ने राजनीतिक दिखावे पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है।' उन्होंने बताया कि यह 63 किलोमीटर लंबा छह-लेन और आठ-लेन वाला एक्सप्रेसवे है, जिसकी निर्माण लागत ₹4,000 करोड़ से अधिक बताई जाती है। उनका दावा है कि इस सड़क को देश के शुरुआती एक्सप्रेसवे में गिना जाता है, और यह समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के बाद बनाई गई थी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतनी महंगी सड़क अगले ही दिन धंस गई।
डिंपल यादव: सरकार में संवेदनशीलता का अभाव
सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार के रवैये पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'इस सरकार में किसी के भी प्रति विनम्रता, समझदारी और संवेदनशीलता नहीं है — चाहे वे छात्र हों, देश के युवा हों, किसान हों या फिर देश के सैनिक हों।' उनके अनुसार, सरकार की कार्यशैली बार-बार इस सोच को उजागर करती है।
इकरा हसन: अमित शाह की अनुपस्थिति से संसद ठप
सपा सांसद इकरा हसन ने संसद में जारी गतिरोध के लिए सीधे गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'अगर अमित शाह सदन में आते और खुद अपनी बात रखते, तो यह पूरा विवाद खत्म हो जाता।' उनका तर्क था कि गृह मंत्री की जिद और मनमाने रवैये के कारण सदन ठीक से नहीं चल पाया, जिससे देश के नागरिकों का धन बर्बाद हुआ।
जियाउर रहमान बर्क: दोनों मुद्दों पर चर्चा की माँग
सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा कि सार्थक संसदीय चर्चा तभी संभव है जब गृह मंत्री स्वयं उसमें भाग लें। उन्होंने बताया कि दोपहर 2 बजे गृह मंत्री अपने मंत्रालय से जुड़े विधेयक पर चर्चा के लिए सदन में उपस्थित नहीं हुए। बर्क ने यह भी कहा कि सरकार केवल एक मुद्दे पर अपना पक्ष रखना चाहती है और दूसरे से बचना चाहती है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।
आगे क्या
सपा के इन आरोपों के बाद संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव और गहरा होने की संभावना है। एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं, और विपक्ष इसे सरकारी खर्च में पारदर्शिता के व्यापक मुद्दे से जोड़ने की कोशिश करेगा।