17 जुलाई 2026
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योगी आदित्यनाथ का शामली में विपक्ष पर प्रहार: SP-कांग्रेस को बताया 'जिन्ना के उपासक', ₹581 करोड़ की 89 परियोजनाओं का लोकार्पण

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योगी आदित्यनाथ का शामली में विपक्ष पर प्रहार: SP-कांग्रेस को बताया 'जिन्ना के उपासक', ₹581 करोड़ की 89 परियोजनाओं का लोकार्पण

सारांश

शामली में ₹581 करोड़ की 89 परियोजनाओं के उद्घाटन के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SP और कांग्रेस को 'जिन्ना के उपासक' बताकर विपक्ष पर सबसे तीखा वार किया। कानून-व्यवस्था, गन्ना किसान और एक्सप्रेसवे — तीनों मोर्चों पर दावों के साथ यह दौरा 2027 चुनावों की तैयारी की भी स्पष्ट झलक देता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जुलाई को शामली में ₹581 करोड़ की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को 'जिन्ना के उपासक' बताते हुए दोनों दलों पर तुष्टिकरण और अव्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
प्रदेश में 122 चीनी मिलें सक्रिय हैं; गन्ना किसानों को ₹400 प्रति क्विंटल मूल्य मिल रहा है।
प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे सहित तीन एक्सप्रेसवे के संगम से शामली को NCR का प्रमुख विकास केंद्र बनाने का लक्ष्य।
कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील; असामाजिक तत्वों को तत्काल अलग करने का आह्वान।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जुलाई को शामली में ₹581 करोड़ की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों को 'जिन्ना के उपासक' करार दिया और आरोप लगाया कि ये दल विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों के विरोधी रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शामली आतंक, पलायन और गुंडागर्दी के लिए कुख्यात था, जबकि आज यह जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का उभरता विकास केंद्र बन चुका है। योगी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला और प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के संगम के कारण यह जिला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का अहम आर्थिक केंद्र बनेगा।

कानून-व्यवस्था और माफिया पर दावे

कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने माफिया को 'जेल या जहन्नुम' पहुँचाने का संकल्प लिया था और शामली-कैराना के दौरे के बाद उन्हें लगता है कि यह संकल्प सफल हुआ है। उनके अनुसार, पहले व्यापारी, किसान और आम नागरिक भय के माहौल में जीते थे, जबकि अब प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो चुका है। विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में विकास की जगह तुष्टिकरण और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के दावे

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में प्रदेश की चीनी मिलें संकट में थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें पुनर्जीवित किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं और गन्ना किसानों को ₹400 प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। बिजली के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि 400 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना से जिले में आपूर्ति मजबूत हुई है।

कांवड़ यात्रा और विरासत का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा का जिक्र करते हुए श्रद्धालुओं से यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व यात्रा को बदनाम करने का प्रयास करे तो उसे तत्काल अलग किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शामली की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने इस क्षेत्र में विश्राम किया था और 1857 की क्रांति में शामली-कैराना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कैराना घराने की शास्त्रीय संगीत परंपरा को भी भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान से जोड़ा।

आगे क्या

₹581 करोड़ की इन 89 परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शामली में बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी में सुधार अपेक्षित है। प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे इस क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को और विस्तार दे सकता है। यह दौरा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले सरकार की विकास-केंद्रित छवि को मजबूत करने के व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि योगी की स्थायी राजनीतिक शैली का हिस्सा है — जो विकास-कथा को पहचान-राजनीति के साथ जोड़ती है। ₹581 करोड़ की परियोजनाएँ वास्तविक हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि शामली-कैराना जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इन परियोजनाओं का लाभ किन तबकों तक पहुँचेगा। गन्ना किसानों को ₹400 प्रति क्विंटल का दावा प्रभावशाली लगता है, पर भुगतान में विलंब की शिकायतें अभी भी किसान संगठनों के बीच सुनाई देती हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव निकट आते ही इस तरह के दौरों की आवृत्ति बताती है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश BJP की प्राथमिकता सूची में ऊपर है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने शामली में कितनी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 जुलाई को शामली में ₹581 करोड़ की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाएँ शामिल हैं।
योगी ने SP और कांग्रेस को 'जिन्ना के उपासक' क्यों कहा?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों में विकास की बजाय तुष्टिकरण और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला। उनके अनुसार, ये दल विकास और भारतीय सांस्कृतिक विरासत दोनों के विरोधी रहे हैं।
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे क्या है और इसका क्या महत्व है?
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे एक प्रस्तावित परियोजना है जो दिल्ली-देहरादून और शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे के साथ मिलकर शामली को NCR का प्रमुख आर्थिक केंद्र बनाने में सहायक होगी। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को अभी क्या मूल्य मिल रहा है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को ₹400 प्रति क्विंटल का मूल्य मिल रहा है और राज्य में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश में अग्रणी है।
शामली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत क्या है?
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मयुद्ध से पहले इस क्षेत्र में विश्राम किया था और 1857 की क्रांति में शामली-कैराना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कैराना घराने की शास्त्रीय संगीत परंपरा ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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