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राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम देहरादून में आज, इमरान मसूद बोले — युवाओं की नब्ज पहचानी

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राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम देहरादून में आज, इमरान मसूद बोले — युवाओं की नब्ज पहचानी

सारांश

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान कोटा के बाद अब देहरादून पहुँच रहा है — शुक्रवार शाम 5 बजे। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का दावा है कि यह आयोजन कोटा से दस गुना बड़ा होगा। साथ ही 'वंदे मातरम' पर केंद्र के प्रस्तावित विधेयक को लेकर भी उन्होंने अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शुक्रवार शाम 5 बजे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित हो रहा है।
यह अभियान का दूसरा बड़ा पड़ाव है; पहला आयोजन राजस्थान के कोटा में हुआ था।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा — देहरादून का कार्यक्रम कोटा से दस गुना बड़ा होगा।
केंद्र सरकार मॉनसून सत्र में 'वंदे मातरम' गायन रोकने पर तीन साल की सज़ा का विधेयक लाने की तैयारी में है।
इमरान मसूद ने सर्वोच्च न्यायालय के हवाले से कहा कि सम्मान दिखाने का एक ही तरीका नहीं होता।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर के युवाओं और छात्रों की भावनाओं को गहराई से समझा है। 17 जुलाई को सहारनपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और कहा कि देहरादून में होने वाला आयोजन कोटा से भी बड़ा साबित होगा।

कार्यक्रम का विवरण

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम शुक्रवार शाम 5 बजे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित हो रहा है। यह देशभर में छात्रों से सीधे संवाद करने के इस अभियान का दूसरा बड़ा पड़ाव है। इससे पहले इस श्रृंखला की शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी, जहाँ कार्यक्रम को व्यापक सफलता मिली थी।

इमरान मसूद का बयान

सांसद इमरान मसूद ने कहा, 'देश के युवा और छात्र कठिनाइयों से गुजर रहे हैं। राहुल गांधी ने उनकी नब्ज को पहचाना है। राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली थी। देहरादून में होने वाला कार्यक्रम उससे भी दस गुना बड़ा होगा। लोगों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रोज़गार, परीक्षा दबाव और भविष्य की अनिश्चितता जैसी समस्याएँ आज के छात्रों की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं।

'वंदे मातरम' विवाद पर प्रतिक्रिया

वंदे मातरम विवाद पर भी इमरान मसूद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'न तो राष्ट्रीय गीत का अपमान हो रहा है और न ही राष्ट्रगान का। सम्मान के अपने-अपने मानदंड हो सकते हैं और यह हर व्यक्ति के अनुसार अलग भी हो सकते हैं। लोगों की अपनी-अपनी मान्यताएं होती हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सम्मान दिखाने का अर्थ केवल एक ही तरीका नहीं है — शांतिपूर्वक खड़े रहना या पूरे आदर के साथ चुपचाप सुनना भी सम्मान की अभिव्यक्ति हो सकती है।

केंद्र सरकार का प्रस्तावित विधेयक

गौरतलब है कि केंद्र सरकार संसद के मॉनसून सत्र में एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिसमें राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के गायन को रोकने पर तीन साल तक की सज़ा का प्रावधान हो सकता है। यह प्रावधान राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के लिए पहले से मौजूद दंड-व्यवस्था के समान होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

आगे क्या

देहरादून में 'छात्रों की गूंज' के सफल आयोजन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस अभियान को किन अन्य शहरों तक ले जाती है और युवा मतदाताओं के बीच इसका राजनीतिक असर किस रूप में सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह विषय आने वाले मॉनसून सत्र में विपक्ष के लिए एक बड़ी परीक्षा बन सकता है — खासकर तब जब सरकार इसे राष्ट्रवाद की कसौटी के रूप में पेश करे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक अभियान है जिसमें वे देशभर के छात्रों से सीधे संवाद करते हैं। इसकी शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी और अब यह देहरादून पहुँच रहा है।
देहरादून में 'छात्रों की गूंज' कब और कहाँ होगा?
यह कार्यक्रम शुक्रवार, 17 जुलाई को शाम 5 बजे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित होगा। सांसद इमरान मसूद के अनुसार इसमें कोटा से दस गुना अधिक उत्साह और भागीदारी की उम्मीद है।
इमरान मसूद ने 'वंदे मातरम' विवाद पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि न राष्ट्रीय गीत का अपमान हो रहा है और न राष्ट्रगान का। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का हवाला देते हुए कहा कि सम्मान दिखाने का अर्थ केवल एक ही तरीका नहीं है।
केंद्र सरकार 'वंदे मातरम' पर कौन-सा विधेयक लाने की तैयारी में है?
केंद्र सरकार मॉनसून सत्र में एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है जिसमें 'वंदे मातरम' के गायन को रोकने पर तीन साल तक की सज़ा का प्रावधान हो सकता है। यह प्रावधान राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के लिए पहले से मौजूद दंड-व्यवस्था के समान होगा।
कोटा में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कैसा रहा था?
राजस्थान के कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को कथित तौर पर जबरदस्त सफलता मिली थी। यह इस अभियान का पहला बड़ा आयोजन था, जिसके बाद देहरादून को अगला पड़ाव चुना गया।
राष्ट्र प्रेस
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