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राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' आंदोलन: 17 जून को कोटा से होगी शुरुआत, युवाओं से जुड़ने की अपील

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राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' आंदोलन: 17 जून को कोटा से होगी शुरुआत, युवाओं से जुड़ने की अपील

सारांश

'छात्रों की गूंज' महज़ एक रैली नहीं — यह कांग्रेस की उस पीढ़ी को साधने की कोशिश है जो पेपर लीक और भर्ती में देरी से सबसे ज़्यादा आहत है। कोटा से शुरू होकर प्रयागराज, पटना और दिल्ली तक फैलने वाला यह अभियान बताता है कि राहुल गांधी युवा मुद्दों को अगले राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बनाने की तैयारी में हैं।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 15 जून को एक्स पर 'छात्रों की गूंज' आंदोलन में युवाओं से जुड़ने की अपील की।
आंदोलन की शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी।
अभियान के तहत 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम निर्धारित।
अभियान पेपर लीक, परीक्षा अनियमितता, बेरोज़गारी और भर्ती में देरी पर केंद्रित है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के संयुक्त नेतृत्व में चलाया जाएगा अभियान।
देश के प्रमुख कोचिंग हब कोटा को रणनीतिक रूप से पहले पड़ाव के रूप में चुना गया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार, 15 जून को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के 'छात्रों की गूंज' राष्ट्रीय आंदोलन में बड़े पैमाने पर शामिल होने की अपील की। यह आंदोलन 17 जून को राजस्थान के कोटा से औपचारिक रूप से शुरू होगा, जहाँ राहुल गांधी छात्रों से सीधे संवाद करेंगे।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

कांग्रेस का यह प्रस्तावित देशव्यापी अभियान पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता, बढ़ती बेरोज़गारी और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। पार्टी का आरोप है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। अभियान के ज़रिये छात्रों, नौकरी के इच्छुक युवाओं, शिक्षकों और युवा संगठनों को एकजुट कर इन मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की योजना है।

राहुल गांधी का एक्स पर संदेश

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मुझे पता है कि आप थक चुके हैं। आप गुस्से में हैं। लेकिन याद रखिए, जब सरकार नहीं सुनती, तो आपको अपनी आवाज़ और ऊँची करनी होती है।' उन्होंने आगे कहा, 'आइए हम सब मिलकर एक ऐसी आवाज़ बनें, जिसे अनसुना न किया जा सके। शुरुआत कोटा से होगी और फिर यह देश के हर कोने तक पहुँचेगी। यह आपके भविष्य की लड़ाई है और मैं आपके साथ हूँ।'

कार्यक्रमों का राष्ट्रीय विस्तार

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि राहुल गांधी देश के अलग-अलग शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इस अभियान के तहत 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को नई दिल्ली में कार्यक्रम निर्धारित हैं। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से वेणुगोपाल का बयान साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यह अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के संयुक्त नेतृत्व में चलाया जाएगा।

कोटा को क्यों चुना गया

कोटा ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम और कोटा ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि देश के प्रमुख कोचिंग हब के रूप में पहचाने जाने वाले कोटा को आंदोलन की शुरुआत के लिए चुना गया है। गौरतलब है कि हाल ही में पुष्कर में आयोजित एक सम्मेलन में राहुल गांधी को कोटा आने का निमंत्रण दिया गया था। यह शहर लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का केंद्र है, जिससे इसे प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की राह

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह अभियान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की रोकथाम, भर्ती में अनियमितता और शिक्षा व रोज़गार से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। कोटा से शुरू होकर यह अभियान जुलाई के मध्य तक कई प्रमुख शहरों को कवर करने की योजना के साथ राष्ट्रव्यापी रूप लेता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ परीक्षार्थियों का दबाव और छात्र आत्महत्याएँ वर्षों से सुर्खियों में रही हैं, एक तीखा प्रतीक है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अभियान ठोस नीतिगत माँगों में तब्दील होगा या महज़ चुनावी भावनाओं को भुनाने तक सीमित रहेगा। पेपर लीक की समस्या राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के कार्यकाल में उजागर हुई है — इसलिए कांग्रेस की विश्वसनीयता भी परखी जाएगी। यदि जुलाई के सम्मेलनों तक कोई स्पष्ट चार्टर नहीं आता, तो यह आंदोलन भी उन कई युवा-केंद्रित घोषणाओं की तरह स्मृति में धुँधला पड़ सकता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' आंदोलन क्या है?
यह कांग्रेस का एक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी अभियान है जो पेपर लीक, परीक्षा अनियमितता, बेरोज़गारी और भर्ती में देरी जैसे युवा-केंद्रित मुद्दों पर केंद्रित है। इसकी शुरुआत 17 जून 2025 को राजस्थान के कोटा से होगी।
राहुल गांधी कोटा में कब और क्यों जाएँगे?
राहुल गांधी 17 जून को कोटा में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कोटा को देश के प्रमुख कोचिंग हब के रूप में रणनीतिक रूप से पहले पड़ाव के तौर पर चुना गया है।
'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत आगे कहाँ-कहाँ कार्यक्रम होंगे?
कोटा के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को नई दिल्ली में छात्र सम्मेलन आयोजित होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में राहुल गांधी युवाओं को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस इस अभियान में किन मुद्दों को उठाएगी?
अभियान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की रोकथाम, भर्ती में अनियमितता, बेरोज़गारी और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित रहेगा। कांग्रेस का आरोप है कि इन मुद्दों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इस अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संयुक्त नेतृत्व में चलाया जाएगा। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने इसकी विस्तृत जानकारी साझा की है।
राष्ट्र प्रेस
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