सीएम योगी का सपा पर हमला: रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों ने हर धर्मस्थल को विवादित किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई 2026 को बस्ती में आयोजित एक जनसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, उन्होंने ही उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों को वर्षों तक विवादों में उलझाए रखा। उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए, हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई और अयोध्या में 'जय श्रीराम' का उद्घोष करने वालों पर लाठी-गोली चलाई जाती थी।
मुख्य आरोप और राजनीतिक प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा आज आस्था की बातें कर रही है, जबकि उसका पूरा राजनीतिक इतिहास सनातन आस्था के विरोध का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने राम मंदिर निर्माण में सबसे बड़ी बाधाएँ खड़ी कीं और कर्ण मंदिर विवाद को वर्षों तक लटकाए रखा। योगी ने कहा कि यह आस्था का नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति का प्रतीक था।
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने बस्ती में ₹504 करोड़ से अधिक की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने आस्था, सुरक्षा और विकास को एक साथ लेकर प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश में अब तक 1,500 से अधिक मंदिरों का पुनरोद्धार कराया जा चुका है।
कानून-व्यवस्था, शिक्षा और बिजली पर विपक्ष को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा के शासन में दंगे होते थे, बेटियाँ असुरक्षित रहती थीं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि सपा ने नकल को व्यवस्था का हिस्सा बना दिया था, जिससे युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया। बिजली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कभी बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाने को मजबूर थे, जबकि आज प्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। अब मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
वक्फ, जमीन कब्जे और 84 कोसी परिक्रमा
वक्फ और जमीन कब्जों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे और वक्फ के नाम पर लोगों को उजाड़ा जाता था। उन्होंने दावा किया कि बस्ती में सपा के शासन के दौरान उसके जिला अध्यक्ष तक अपनी जमीन नहीं बचा पाए थे। 84 कोसी परिक्रमा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार इस परिक्रमा को रोकती थी, जबकि अब मखौड़ा धाम से अयोध्या तक पूरे परिक्रमा मार्ग का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई गति मिलेगी।
अयोध्या के विकास पर गर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया और अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने माता शबरी के नाम पर श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की और धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का प्रभाव बस्ती और समूचे पूर्वांचल की आर्थिक तस्वीर पर भी दिखाई देगा।