11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CM योगी का सहारनपुर में तीखा प्रहार: 'पहले पैसा कब्रिस्तान की दीवारों पर, अब ₹2,131 करोड़ की 325 विकास परियोजनाएँ'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CM योगी का सहारनपुर में तीखा प्रहार: 'पहले पैसा कब्रिस्तान की दीवारों पर, अब ₹2,131 करोड़ की 325 विकास परियोजनाएँ'

सारांश

सहारनपुर, जो कभी दंगों और फतवों के लिए बदनाम था, अब ₹2,131 करोड़ की 325 विकास परियोजनाओं का गवाह बना। CM योगी ने विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा — पहले सरकारी पैसा कब्रिस्तान की दीवारों पर खर्च होता था, अब एक्सप्रेसवे, विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉलेज बन रहे हैं।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 7 मई 2026 को सहारनपुर में ₹2,131 करोड़ की 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
184 परियोजनाओं (₹500 करोड़) का लोकार्पण और 141 परियोजनाओं (₹1,631 करोड़) का शिलान्यास हुआ।
PM मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली-देहरादून सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे से सहारनपुर-दिल्ली यात्रा 6 घंटे से घटकर ढाई घंटे हुई।
सहारनपुर में मां शाकम्भरी विश्वविद्यालय , बेहट स्पोर्ट्स कॉलेज , एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं।
CM योगी ने कहा कि वंदे मातरम के अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है और ATS केंद्र देवबंद में स्थापित किया गया।
योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पहले सरकारी धन कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल और जातीय-साम्प्रदायिक तुष्टीकरण में खर्च होता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 मई 2026 को सहारनपुर में ₹2,131 करोड़ की 325 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों का धन कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल, कब्जों और जातीय-साम्प्रदायिक तुष्टीकरण में बर्बाद होता था, जबकि अब वही संसाधन सड़क, विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, एक्सप्रेसवे और धार्मिक-पर्यटन स्थलों के विकास में लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब 'तुष्टीकरण' नहीं, बल्कि 'संतुष्टिकरण' की राजनीति हो रही है।

मुख्य घटनाक्रम: ₹2,131 करोड़ की परियोजनाएँ

इस समारोह में 184 परियोजनाओं (लागत ₹500 करोड़) का लोकार्पण और 141 परियोजनाओं (लागत ₹1,631 करोड़) का शिलान्यास किया गया। ये परियोजनाएँ बेहट, रामपुर मनिहारन, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, नकुड़, गंगोह और देवबंद सहित सभी क्षेत्रों को कवर करती हैं। इनमें आधुनिक बस स्टेशन, आरसीसी ड्रेन, बेहतर सड़क नेटवर्क और बेहट में स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण शामिल है।

कनेक्टिविटी में बदलाव: एक्सप्रेसवे से नई पहचान

मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-बागपत-शामली-सहारनपुर-देहरादून सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जिससे सहारनपुर से दिल्ली की दूरी पहले के 6 घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे रह गई है। लखनऊ, जो पहले 12-14 घंटे में पहुँचता था, अब करीब 6 घंटे में सुलभ हो गया है। मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के कारण अब सहारनपुर से प्रयागराज साढ़े सात घंटे में पहुँचा जा सकेगा।

सहारनपुर का बदलता चेहरा

योगी ने कहा कि 2013 से 2016 के बीच सहारनपुर में दंगे, कर्फ्यू, पलायन और अराजकता का माहौल बना रहता था। 2016 के सिख विरोधी दंगों और मुजफ्फरनगर-शामली की हिंसा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश जल रहा था। 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद से सहारनपुर की विश्वस्तरीय काष्ठ कला को नया मंच मिला और जिले ने नई पहचान हासिल की। गौरतलब है कि अब सहारनपुर में दिल्ली व देहरादून के बीच पहला बड़ा इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा और राष्ट्रवाद पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह के प्रस्ताव पर देवबंद में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) का केंद्र स्थापित किया गया। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी ज़मीनी नतीजे होंगे — ₹2,131 करोड़ की परियोजनाओं में से कितनी समयसीमा में पूरी होती हैं और कितने युवाओं को वास्तव में रोजगार मिलता है। सहारनपुर में 2013-2016 की अशांति की याद दिलाना राजनीतिक रूप से प्रभावी है, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि 2017 के बाद भी जिले में सामुदायिक तनाव की छिटपुट घटनाएँ दर्ज होती रही हैं। देवबंद में ATS केंद्र की स्थापना और वंदे मातरम अपमान को संज्ञेय अपराध बनाने जैसे कदम सुरक्षा के साथ-साथ एक सुनिश्चित राजनीतिक संदेश भी देते हैं — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर केवल विकास की भाषा में दर्ज करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने सहारनपुर में कितनी परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया?
CM योगी आदित्यनाथ ने 7 मई 2026 को सहारनपुर में ₹2,131 करोड़ की कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 184 परियोजनाओं (₹500 करोड़) का लोकार्पण और 141 परियोजनाओं (₹1,631 करोड़) का शिलान्यास शामिल है।
CM योगी का 'तुष्टीकरण बनाम संतुष्टिकरण' से क्या तात्पर्य है?
CM योगी ने कहा कि पिछली सरकारें जातीय-साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति करती थीं और सरकारी धन कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल जैसे कार्यों पर खर्च होता था। अब डबल इंजन सरकार 'संतुष्टिकरण' यानी सबके लिए विकास की नीति अपना रही है, जिसमें सड़क, एक्सप्रेसवे, विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सहारनपुर को क्या फायदा हुआ?
14 अप्रैल को PM नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली-बागपत-शामली-सहारनपुर-देहरादून सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे से सहारनपुर से दिल्ली की यात्रा पहले के 6 घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटे रह गई है। इससे सहारनपुर में इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक हब विकसित करने की संभावनाएँ भी बढ़ी हैं।
सहारनपुर में कौन-कौन सी बड़ी परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं?
सहारनपुर में मां शाकम्भरी विश्वविद्यालय की स्थापना, एयरपोर्ट का निर्माण (अंतिम चरण में), बेहट में स्पोर्ट्स कॉलेज, मां शाकम्भरी धाम तक एलिवेटेड हाईवे और दिल्ली व देहरादून के बीच पहला बड़ा इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है।
देवबंद में ATS केंद्र की स्थापना क्यों की गई?
CM योगी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह के प्रस्ताव पर देवबंद में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) का केंद्र स्थापित किया गया, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी देशविरोधी गतिविधि पर नज़र रखी जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 साल पहले