पश्चिम यूपी के लिए <b>दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर</b> है <b>गेमचेंजर</b>: सीएम योगी
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन विकास का नया युग है।
- यह कॉरिडोर आवागमन और कनेक्टिविटी को सरल बनाएगा।
- स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
- सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
- यह परियोजना रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित करेगी।
सहारनपुर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताया। उन्होंने कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून की यात्रा कम समय में संभव हो सकेगी। सीएम ने इस कॉरिडोर के उद्घाटन को प्रदेश विकास का ऐतिहासिक क्षण मानते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
उनका कहना था कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सरल बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्र के किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए 'डबल इंजन' सरकार की विकास दृष्टि को साकार करेगी।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से इस कॉरिडोर का उद्घाटन प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई दी और पीएम मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और एनएचएआई के अधिकारियों का भी धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण से सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून तक का यात्रा समय तेजी से घटेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के जरिए सहारनपुर के वुडवर्क, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत में बनाए जाने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स का निर्माण केंद्र है, और यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी और अन्य खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि आज का यह अवसर हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को समान अधिकार देकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में 'पंचतीर्थ' का निर्माण कराया। उनकी प्रेरणा से हमारी सरकार ने भी तय किया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की मूर्तियों के पास बाउंड्री वॉल या छत का निर्माण कराया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। 'डबल इंजन' सरकार की ताकत आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल और एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई युवा यदि फिल्मों में करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। यह तब संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में मजबूत इंडस्ट्रियल और हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यहां के कृषि उत्पादों को न केवल लखनऊ और दिल्ली तक, बल्कि गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़कर वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे हमारे अन्नदाता किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बाबा साहेब की पावन जयंती पर सहारनपुर वासियों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को पीएम मोदी के करकमलों से यह कॉरिडोर मिल रहा है। पहले यह मार्ग कठिन और अवरुद्ध होता था। बरसात में पूरा आवागमन ठप हो जाता था। अब हम सब यहां पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। विकास की रफ्तार और विरासत का संरक्षण, दोनों को साथ लेकर 'डबल इंजन' सरकार निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।