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पंजाब कर्मचारी हड़ताल: कांग्रेस ने CM भगवंत मान को दी चेतावनी, ₹20,161 करोड़ DA बकाया पर संकट गहरा

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पंजाब कर्मचारी हड़ताल: कांग्रेस ने CM भगवंत मान को दी चेतावनी, ₹20,161 करोड़ DA बकाया पर संकट गहरा

सारांश

पंजाब में ₹20,161 करोड़ के DA बकाया को लेकर तीन लाख कर्मचारियों की 'महा हड़ताल' के बाद AAP सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किए — और कांग्रेस ने CM मान को साफ चेतावनी दी कि यह कदम उनके पद का अंत हो सकता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 29 अगस्त को CM भगवंत मान को चेतावनी दी — हड़ताली कर्मचारियों पर कार्रवाई की तो परिणाम गंभीर होंगे।
AAP सरकार ने 27 अगस्त की हड़ताल में भाग लेने वाले 3 लाख से अधिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
कर्मचारी सांझा मुलाजम मंच ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से CM मान के विरुद्ध कार्रवाई और उनके एक दिन के वेतन में कटौती की माँग की।
कर्मचारियों पर ₹20,161 करोड़ DA बकाया है — ₹6,000 करोड़ 2021 के बाद से, ₹14,161 करोड़ उससे पहले के।
कर्मचारियों को वर्तमान में मूल वेतन का 42% DA मिल रहा है, माँग 58% की है।
हड़ताल में लगभग 4 लाख पेंशनभोगी भी शामिल हुए; सरकारी अस्पताल, औषधालय और स्कूल प्रभावित रहे।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को कड़ी चेतावनी दी कि 27 अगस्त की 'महा हड़ताल' में भाग लेने वाले तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद यह राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया है।

कांग्रेस की चेतावनी और राजनीतिक दबाव

वडिंग ने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब तक कर्मचारी कानूनी दायरे में रहकर विरोध करते हैं, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'कार्रवाई की धमकियों से कर्मचारियों को डराया-धमकाया नहीं जा सकता।' वडिंग ने यहाँ तक कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाया, तो इसके 'दूरगामी परिणाम होंगे जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी' — और यह उनके मुख्यमंत्री पद का आखिरी दिन साबित हो सकता है।

कर्मचारी संघ का राज्यपाल से संपर्क

इसी क्रम में कर्मचारी सांझा मुलाजम मंच ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री मान के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की। संघ का आरोप है कि मान 27 अगस्त को कर्मचारियों के साथ निर्धारित बैठक में उपस्थित नहीं हुए। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पर 'सरकारी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही, प्रशासनिक मनमानी और सार्वजनिक धन की बर्बादी' का आरोप लगाया गया है। संघ ने माँग की कि उनकी अनुपस्थिति के लिए मुख्यमंत्री के एक दिन के वेतन में कटौती की जाए।

महा हड़ताल का व्यापक असर

27 अगस्त को पंजाब भर में सरकारी सेवाएँ ठप रहीं। लगभग सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के तीन लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इनके साथ लगभग चार लाख पेंशनभोगी भी जुड़े। 'महा हड़ताल' का असर सरकारी अस्पतालों, औषधालयों और शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा। हालाँकि, बाज़ार, निजी प्रतिष्ठान, परिवहन सेवाएँ और आपातकालीन सेवाएँ इससे अलग रखी गई थीं।

₹20,161 करोड़ का DA बकाया — विवाद की जड़

कर्मचारी संघों के अनुसार, पंजाब सरकार पर ₹20,161 करोड़ का महंगाई भत्ता (DA) बकाया है। इसमें से ₹6,000 करोड़ 2021 के बाद से और ₹14,161 करोड़ उससे पहले के हैं — यानी AAP सरकार के सत्ता में आने से पहले का बकाया भी इसमें शामिल है। फिलहाल कर्मचारियों को मूल वेतन का 42 प्रतिशत DA मिल रहा है, जबकि उनकी माँग है कि यह 58 प्रतिशत होना चाहिए।

आगे क्या होगा

कारण बताओ नोटिसों के बाद कर्मचारी संघों ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने दंडात्मक रवैया जारी रखा तो आंदोलन और तेज़ हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आगामी चुनावी मौसम में AAP के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनके आक्रोश को और भड़काने की संभावना ज़्यादा है। गौरतलब है कि ₹14,161 करोड़ का बकाया AAP के सत्ता में आने से पहले का है, फिर भी वर्तमान सरकार इसे हल करने में विफल रही है — यह प्रशासनिक विरासत और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों पर सवाल उठाता है। कांग्रेस की चेतावनी अवसरवादी ज़रूर है, लेकिन यह उस व्यापक असंतोष को भुनाने की कोशिश है जो पंजाब के सरकारी कर्मचारियों में AAP के प्रति बढ़ रहा है। असली परीक्षा यह है कि क्या भगवंत मान बातचीत की मेज पर लौटते हैं — या नोटिस को लागू करके एक और मोर्चा खोलते हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल क्यों हुई?
पंजाब के सरकारी कर्मचारी ₹20,161 करोड़ के बकाया महंगाई भत्ते (DA) की माँग को लेकर 27 अगस्त को एक दिन की 'महा हड़ताल' पर गए। कर्मचारियों को अभी मूल वेतन का 42% DA मिल रहा है, जबकि वे 58% की माँग कर रहे हैं।
कांग्रेस ने CM भगवंत मान को क्या चेतावनी दी?
कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 29 अगस्त को कहा कि यदि CM मान ने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, तो इसके 'दूरगामी परिणाम' होंगे और यह उनके मुख्यमंत्री पद का आखिरी दिन साबित हो सकता है। उन्होंने कर्मचारियों के विरोध को उनका लोकतांत्रिक अधिकार बताया।
कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस क्यों जारी हुए?
AAP सरकार ने 27 अगस्त की हड़ताल में भाग लेने वाले तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। सरकार ने इसे सामूहिक अनुपस्थिति के लिए प्रशासनिक कार्रवाई बताया, जबकि कर्मचारी संघों ने इसे दमनकारी कदम कहा।
पंजाब का DA बकाया इतना अधिक कैसे हुआ?
कर्मचारी संघों के अनुसार कुल ₹20,161 करोड़ बकाया में से ₹14,161 करोड़ 2021 से पहले के हैं — यानी AAP सरकार के सत्ता में आने से पहले के। शेष ₹6,000 करोड़ 2021 के बाद जमा हुए हैं। पिछली और वर्तमान दोनों सरकारों के कार्यकाल में यह बकाया बढ़ता रहा।
कर्मचारी सांझा मुलाजम मंच ने राज्यपाल से क्या माँग की?
मंच ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपकर CM मान के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की, क्योंकि वे 27 अगस्त को कर्मचारियों के साथ निर्धारित बैठक में नहीं आए। संघ ने उनकी अनुपस्थिति के लिए एक दिन के वेतन में कटौती की भी माँग की और उन पर 'प्रशासनिक मनमानी' का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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